स्लग-दर्द गोरक्षनगरी का
-वार्ड-तीन के लोगों को नहीं मिल रही सुविधाएं, सड़क पर फैले पानी से राहगीरों की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। वार्ड-तीन रानीडीहा की आबादी लगभग 15000 है। यहां 10000 के करीब मतदाता हैं। इसके बावजूद यहां के नागरिक मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। वार्ड की सबसे विकराल समस्या जल निकासी के लिए नालियों का न होना है। इसके कारण लोगों ने घरों के सामने गड्ढा खोद रखा है। मजबूरी है कि सुबह- शाम गड्ढे का पानी उन्हें निकालना पड़ता है।
रानीडीहा को नगर निगम में शामिल हुए लगभग एक वर्ष हो चुके हैं। पहले यह खोराबार गांव का हिस्सा था, लेकिन समस्याएं जितनी पहले थीं, अब उससे भी विकट होती जा रही हैं। वार्ड की सड़कों के उच्चीकरण के बाद घरों का पानी जो सड़क किनारे होते हुए किसी तरह पहले निकल जाया करता था, अब सड़क पर फैलकर राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। साथ ही मार्ग को भी क्षतिग्रस्त कर रहा है।
वर्षा के दिनों में तो इस कदर जलजमाव हो जाता है कि सड़क पर भी दूर- दूर तक पानी भर जाता है। दूसरी समस्या शुद्ध पेयजल की है। हर घर जल योजना के तहत मोहल्ले में कुछ जगह अंडरग्राउंड पाइप लाइन डाली गई, लेकिन वाटर टैंक निर्माण न होने से नागरिकों को इसका लाभ नहीं मिलता। कुछ चुनिंदा स्थानों पर इंडिया मार्का हैंडपंप जरूर लगे हैं, लेकिन कुछ को छोड़ अन्य तकनीकी समस्या के कारण निष्प्रयोज्य बने हैं। बिजली के खंभों पर लाइट तो लगी है, लेकिन कुछ स्थानों पर खराबी के कारण रात में बल्ब नहीं जलते, जिससे सड़कों पर अंधेरा रहता है, और लोगों को घरों तक आने- जाने में परेशानी होती है।
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वार्ड में नालियों का निर्माण अभी तक नहीं हुआ है, जिसके कारण घर से निकलने वाले पानी की निकासी नहीं हो पाती। हम लोग घर के सामने वैकल्पिक गड्ढा बनाकर पानी गिराते हैं, फिर उसे दूसरे स्थान पर फेंकते हैं।
- मंजू देवी
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घरों से निकलने वाला पानी स्थानीय निवासियों के लिए जंजाल बना हुआ है। सभी के घरों के सामने अस्थायी गड्ढा बनाकर पानी गिराया जाता है। इससे उठने वाली दुर्गंध से सभी परेशान हैं। ब्लीचिंग अथवा फिनायल का छिड़काव भी कर्मी नहीं करते हैं। - विजय नारायण मिश्र
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वार्ड में शुद्ध पेयजल की समस्या गंभीर है। गर्मी आ गई है, लेकिन शुद्ध पेयजल का इंतजाम नहीं है। वार्ड में लगाए गए इंडिया मार्का हैंडपंप खराब हैं, वहीं अंडर ग्राउंड पाइप लाइन जल परियोजना अभी तक नहीं शुरू हुई।
- सुधीर कुमार
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विद्युत व्यवस्था में पहले की अपेक्षा सुधार जरूर हुआ है, लेकिन विभिन्न मार्गों पर लगे बिजली के खंभों पर लगे लैंपपोस्ट खराब हैं। अंधेरा होने के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है।
- दिलीप