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Gorakhpur News: लिफ्ट का भरोसा नहीं...सीढ़ी से ही जाएंगे

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गोरखपुर। रेलवे स्टेशन पर लगे लिफ्ट का इस्तेमाल शनिवार को काफी कम यात्रियों ने किया। शुक्रवार को हुई घटना के बाद यात्री लिफ्ट की जगह सीढि़यों से ही जाना पसंद कर रहे थे। उनका कहना था कि लिफ्ट का कोई भरोसा नहीं, पता नहीं कब बंद हो जाए। सीढि़यों से चले इससे बेहतर है।
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स्टेशन के पूर्वी फुट ओवरब्रिज (एफओबी) के प्लेटफॉर्म नंबर छह की लिफ्ट शुक्रवार की शाम करीब छह बजे अचानक बंद हो गई। अंदर खड़े छह यात्री 15 मिनट तक बंद रहे। परेशान यात्री लिफ्ट का दरवाजा खोलने लगे, लेकिन नहीं खुला। बाहर लिफ्ट का इंतजार कर रहे लोग भी परेशान थे। सूचना मिलने पर टेक्नीशियन ने फाटक खोला, तब यात्रियों ने राहत की सांस ली। लिफ्ट का सेंसर खराब हो गया था। इसलिए मैनुअल तरीके से अनलॉक कर सभी को बाहर निकाला गया। शनिवार को रेलवे प्रबंधन ने इसकी मरम्मत तो करा दी, लेकिन लिफ्ट का उपयोग करने से यात्री कतराते रहे।
सिवान से आए बहादुर को प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर जाना था। उनके साथ बुजुर्ग महिला भी थी जो ठीक से चल पाने में असमर्थ थीं। एफओबी पर उनसे लोगों ने बोला कि माता जी को लेकर लिफ्ट से नीचे उतर जाइए। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि माता जी बीमार हैं और लिफ्ट कहीं बंद हाे गई तो दिक्कत हो जाएगी।
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सिवान के रहने वाले नित्यानंद को प्लेटफॉर्म संख्या छह से मथुरा-छपरा एक्सप्रेस पकड़नी थी। वह जनरल टिकट काउंटर से टिकट लेकर एफओबी पर आए और सीढ़ी से उतरने लगे। लिफ्ट से न आने के बारे में पूछने पर बताया कि अभी थोड़ी देर पहले अखबार में पढ़ा कि यहां की लिफ्ट शुक्रवार को खराब हो गई थी। ऐसे में कौन इसमें जाए। सीढ़ी से चले जाएंगे, ठीक रहेगा।

कम लोगों ने किया लिफ्ट का इस्तेमाल
शुक्रवार की घटना के बाद शनिवार को लिफ्ट का इस्तेमाल बहुत कम लोगों ने किया। दोपहर के समय कई ट्रेनों में चढ़ने के लिए यात्रियों की भीड़ एफओबी से उतरी लेकिन इसमें बहुत ही कम लोगों ने लिफ्ट का सहारा लिया। इक्का-दुक्का लोग लिफ्ट से आ-जा रहे थे।
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बोले यात्री
हम लिफ्ट की जगह सीढ़ी से ही जाना पसंद करते हैं। वैसे भी यहां की लिफ्ट खराब हो गई थी। क्या भरोसा हम अंदर जाएं और यह बंद हो जाए।
- बहादुर

गेट नंबर चार से प्लेटफॉर्म संख्या आठ तक पैदल चलकर आ गए। अब यहां से नीचे भी उतर जाएंगे। लिफ्ट का कोई भरोसा नहीं कब बंद हो जाए।
- जारुल
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