डोमिनगढ़-गाहासाड़ बंधे पर बनी 11 किलोमीटर लंबी सड़क की हालत सुधरेगी। बंधे पर जगह जगह बने रेकट्स भरे जाएंगे। सड़क की मरम्मत कराने के साथ बाढ़ से बचाव के सुरक्षात्मक कार्य भी किए जाएंगे। रेनकट्स भरने के लिए मिट्टी गिरा दी गई है। इसके बाद पिच सड़क को दुरुस्त कराए जाने की तैयारी है। बंधे पर गड्ढों के संबंध में अमर उजाला ने 22 जून को समाचार का प्रकाशन किया था। इसके बाद सिंचाई और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी हरकत में आए हैं।
डोमिनगढ़-गाहासाड़ बांध के किनारे घुनघुनकोठा, मंझरिया, उतरासोत सहित कई गांव बसे हैं। डोमिनगढ़ से शुरू होकर बंधे की सड़क पीपीगंज जंगल कौड़िया बाईपास से जुड़कर जीरो प्वाइंट कालेसर तक पहुंचती है। शहर से सहजनवां आने-जाने वाले लोग बड़ी संख्या में इस सड़क से आवागमन करते हैं।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में मानसून के सौतेले व्यवहार से मायूसी, तीखी धूप व उमस ने किया बेहाल
राप्ती नदी किनारे बने बंधे पर जगह-जगह रेनकट्स और बड़े गड्ढे होने की शिकायत ग्रामीणों ने अमर उजाला से की। इस पर जब बंधे की पड़ताल की गई, तो हकीकत सामने आई। समाचार प्रकाशित होने के बाद काम शुरू हुआ है।
निर्माण खंड तीन अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने कहा कि बंधे पर बनी सड़क की दशा सुधारी जाएगी। इस पर सिंचाई विभाग की ओर से मिट्टी गिराई गई है। रेनकट्स भरे जाने के बाद पिच सड़क को दुरुस्त कराया जाएगा।