- जंगल कौड़िया-सोनौली रिंग रोड के मुआवजे को लेकर चल रहे गतिरोध पर डीएम ने प्रशासन का रुख किया स्पष्ट
- बोले, आर्बिट्रेशन में वाद दाखिल करें हमें कोई दिक्कत नहीं, जो मुआवजा तय होगा दिलाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जंगल कौड़िया-सोनौली रिंग रोड के मुआवजे को लेकर कोई बड़ा गतिरोध नहीं है। किसानों से बातचीत हुई है। ज्यादातर तैयार भी हैं। बार-बार कह रहे हैं कि हम किसानों के साथ हैं। लेकिन, गिनती के कुछ लोग हैं जो किसानों को भड़का रहे हैं कि वे आंदोलन करें। ऐसे लोग चिन्हित भी किए जा चुके हैं। किसानों से कहा है कि वे जिस तरह संतुष्ट हों बताएं। लेकिन, नियम के दायरे में ही। अगर आर्बिट्रेशन (न्यायिक मध्यस्थता) में वाद दाखिल करते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं, जो मुआवजा तय होगा एनएचएआई से दिलाएंगे।
यह कहना है डीएम कृष्णा करूणेश का। बुधवार को उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में मुआवजे में आ रहे पेंच को लेकर प्रशासन का रुख स्पष्ट किया। डीएम ने कहा कि हमने तो किसानों से कहा था कि वे बैनामे की कॉपी लेकर आएं। उनके इलाके में जिस दर पर बैनामा के लिए स्टांप लगा है, उसी को औसत मानकर मुआवजे की राशि तय कर देंगे। डीएम ने कहा कि कुछ किसानों ने खाते सीज होने का मामला उठाया है, उसका भी समाधान है। पहली बार नोटिफिकेशन में उन्हें ज्यादा मुआवजा दे दिया गया था। लेकिन, उनके खेत का कुछ हिस्सा अभी और लिया जाएगा। जो राशि तय होगी उसे पहले वाले में समायोजित करा देंगे। मैंने आईजी स्टांप से भी सारे दस्तावेज मांगे हैं। किसान अगर आर्बिट्रेशन में जाएंगे तो एक कमेटी गठित कर उसका निराकरण करा देंगे।