गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की नई गोरखपुर महायोजना 2031(पुनरीक्षित) के प्रकाशन के बाद महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर दो सिंघड़िया का भू-उपयोग नहीं बदलने पर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है। उन्होंने बृहस्पतिवार को जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज कराने के साथ ज्ञापन सौंपा।
झारखंडी टुकड़ा नंबर दो सिंघड़िया के कामेश्वर सिंह, समीर सिंह, राघवेंद्र सिंह, त्रिलोकी तिवारी, भरत सिंह समेत अन्य ने प्राधिकरण उपाध्यक्ष को बताया कि एम्स के पूर्वी दीवार से लेकर मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पश्चिमी दीवार तक और रेलवे लाइन से देवरिया रोड तक महादेव झारंडी टूकड़ा नंबर दो है।
महायोजना में महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर दो एवं सिंघड़ियां क्षेत्र को हरित क्षेत्र एवं खुला क्षेत्र घोषित किया है। जबकि उसका भू उपयोग आवासीय करने के लिए प्रारूप पर सुनवाई के दौरान 1000 से अधिक आपत्तियां दर्ज कराई थी। निस्तारण के दौरान क्षेत्र को आवासीय करने का आश्वासन भी दिया गया था।
सभी ने बताया कि इस क्षेत्र में 10 हजार से अधिक मकान बने हुए हैं। सभी ने एक स्वर में निवेदन किया कि उनके क्षेत्र को आवासीय घोषित कर बने निर्माण का मानचित्र स्वीकृत करने की प्रक्रिया शुरू कर इसे वैध किया जाए।
मुलाकात करने वालों में अभिषेक सिंह, सुरेश सिंह, अनिल कुमार सिंह, विजय शंकर, प्रवीण सिंह, सुधा दुबे, राजेश्वर सिंह, प्रभाकर पांडेय, शशिकांत त्रिपाठी, केशव रावत, शशि प्रकाश त्रिपाठी, मांडवी सिंह, विनोद शर्मा, विनय यादव, अनिल यादव, प्रमोद चौरसिया, बृजेश सिंह, सतीश सिंह, विनोद गिरी, अनूप चंद्रपुरी समेत काफी संख्या में महादेव झारखण्डी टूकड़ा नम्बर दो, सिंघड़िया स्थित कॉलोनियों के नागरिक शामिल रहे।