जिले में वर्ष 2021 में बर्खास्त ग्राम विकास अधिकारी रामफेर यादव उर्फ अंशुल यादव की लखनऊ में आय से अधिक संपत्ति मिलने के बाद विजलेंस ने केस दर्ज किया है। आरोपी ग्राम विकास अधिकारी रामफेर यादव विशेष खंड गोमतीनगर, लखनऊ का रहने वाला है।
शासन के निर्देश पर विजलेंस ने उसके खिलाफ लखनऊ में आय से अधिक संपत्ति होने की जांच की थी। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद इसकी रिपोर्ट विजलेंस ने शासन को भेजी थी। अब शासन के निर्देश पर इस मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
जांच के दौरान आरोपी रामफेर यादव उर्फ अंशुल यादव ने यह स्वीकार किया था कि लोक सेवक के रूप में काम करते हुए उसने 3,68,106 लाख रुपए आय के रूप में अर्जित की थी। जबकि, इसी दौरान आरोपी की कुल परिसम्पत्ति के अर्जन पर और भरण-पोषण पर किया गया कुल खर्च 3,56,84,264 करोड़ पाया गया है।
वहीं, जांच के दौरान आरोपी रामफेर यादव उर्फ अंशुल यादव के पास ज्ञात और वैध स्रोतों से अर्जित की गई आय की तुलना में 3,53,16,158 करोड़ रुपया अधिक पाया गया। आरोपी रामफेर यादव उर्फ अंशुल यादव इस व्यय की तुलना में आय 9594.01 प्रतिशत अधिक पाया गया, जो इनकी ज्ञात और वैध स्रोतों से अर्जित आय से काफी अधिक है।
जांच अफसरों ने जब इन रुपयों के आय का स्रोत आरोपी अफसर से मांगा तो आरोपी रामफेर यादव उर्फ अंशुल यादव विजलेंस को कोई संतोषजनक जवाब या स्पष्टीकरण नहीं दे सका। जिसके बाद जांच टीम ने आरोपी रामफेर यादव को आय से अधिक संपत्ति का दोषी मानते हुए इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी।
शासन से स्वीकृति मिलने के बाद अब इस मामले में विजलेंस गोरखपुर में आरोपी अफसर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण के तहत केस दर्ज किया गया है।