चिड़ियाघर में अब दिव्यांग भी ब्रेल लिपी के सहारे बाघ व अन्य वन्य जीवों को जान सकेंगे
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शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में दिव्यांग बच्चों के लिए ब्रेल लिपि के पाथवे और बोर्ड लगाया जाएगा। इससे उन्हें चिड़ियाघर में मौजूद वन्य जीवों की जानकारी मिल सकेगी।
चिड़ियाघर में अभी सबके लिए एक ही पाथवे है। इस पहल से दिव्यांग बच्चों को वन्यजीव के बारे में जानने का अवसर मिलेगा और वे भी चिड़ियाघर की सुंदरता का आनंद ले सकेंगे। ब्रेल लिपि साइनेज बोर्ड दृष्टिबाधित लोगों को स्वतंत्र रूप से जानकारी प्राप्त करने में मदद करेगा।
चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि दिव्यांगों के लिए सामाजिक समर्थन और समानता की दिशा में यह पहल की गई है। शहीद अशफाक उल्ला खान प्राणि उद्यान समिति ने इस पर अपनी सहमति दे दी है। इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इससे दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षा और मनोरंजन का अवसर प्रदान किया जाएगा। इससे वे अपने साथियों के साथ समान रूप से चिड़ियाघर का आनंद ले सकेंगे।
हर्बल पार्क में दिव्यांगजनों के टहलने की सुविधा
दिव्यांगों को भी शहर में घूमने-फिरने और मार्निंग वॉक के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध है। एनेक्सी भवन के सामने गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने हर्बल पार्क विकसित किया है। इसमें दृष्टिबाधितों के टहलने के लिए ब्रेल टाइल लगाई गई है। हर तरफ रैंप बने हैं ताकि व्हीलचेयर से आने वाले दिव्यांगजन भी आसानी से घूम सकें।
पार्क में कहीं सीढ़ी नहीं है। इससे दिव्यांगजन व्हीलचेयर पर बैठकर भी यहां घूम सकेंगे। यह पार्क बनकर पूरी तरह तैयार है लेकिन अभी इसे आम जनता के लिए नहीं खोला गया है।