डीआरआई की टीम ने मंगलवार को हिंदी बाजार के एक बड़े व्यापारी के घर और दुकान पर जांच की। इस दौरान पत्रावलियों की जांच की। हाल के दिनों में खरीद और बिक्री की रिकाॅर्ड की भी जांच हुई। चर्चा है कि कुछ दिन पहले व्यापारी के कनेक्शन से जुड़े सख्स को लखनऊ हाइवे पर भी अवैध सोने की खेप के साथ पकड़ा गया था। इन तथ्यों की जांच के लिए मुख्यालाय की टीम टीम भी मौजूद थी।
गोरखपुर में अवैध सोने के धंधे का कनेक्शन तलाशने मंगलवार को कोलकाता से शहर पहुंची डीआरआई (डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) की टीम ने हिंदी बाजार के एक बड़े सराफा व्यापारी के घर जांच की। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों टीम ने कोलकाता में एक प्रतिष्ठान पर कार्रवाई की तो हिंदी बाजार के इस धंधेबाज की दुकान के पर्चे, कच्चे में खरीद-बिक्री और अन्य रिकाॅर्ड सामने आए थे। पूछताछ के बाद टीम अपने साथ व्यापारी को लेकर लखनऊ चली गई।
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शहर में सोने-चांदी की खरीद-बिक्री में हिंदी बाजार, पूर्वांचल का बड़ा केंद्र है। यहां से बुलियन कारोबार, थोक और फुटकर सोने चांदी की बड़ी खरीद-बिक्री होती है। हिंदी बाजार में अवैध सोने के धंधेबाजों ने भी पांव जमा लिया है। इनके लिए कैरियर का काम चौरीचौरा, होले, बड़हलगंज समेत आसपास के अन्य क्षेत्रों के लोग करते हैं।
इन इलाकों के बहुत से स्थानीय लोग कोलकाता में रहकर रोजगार करते हैं, लेकिन धंधेबाजों से मिलकर वे कैरियर का भी काम कर रहे हैं। बैंकॉक से कोलकाता और वहां से बिहार होकर गोरखपुर अवैध सोने की खेप पहुंच रही है। सूत्रों ने बताया कि पिछले दिनों लगातार कोलकाता में करोड़ों रुपये के अवैध सोने की खेप एजेंसी ने पकड़ी थी। सूत्रों ने बताया कि स्थानीय एक सराफा धंधेबाज का गोरखपुर कनेक्शन सामने आया था।
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इसी सूचना पर डीआरआई की टीम ने मंगलवार को हिंदी बाजार के एक बड़े व्यापारी के घर और दुकान पर जांच की। इस दौरान पत्रावलियों की जांच की। हाल के दिनों में खरीद और बिक्री की रिकाॅर्ड की भी जांच हुई। चर्चा है कि कुछ दिन पहले व्यापारी के कनेक्शन से जुड़े सख्स को लखनऊ हाइवे पर भी अवैध सोने की खेप के साथ पकड़ा गया था। इन तथ्यों की जांच के लिए मुख्यालाय की टीम टीम भी मौजूद थी।
लखनऊ एयरपोर्ट पर पकड़ा गया तीन किलो अवैध सोना
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ एयरपोर्ट पर पकड़े गए थे दो धंधेबाज
जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि लखनऊ एयरपोर्ट पर पकड़े गए युवकों में दो गोला क्षेत्र के रहने वाले थे। इनका कनेक्शन हिंदी बाजार के एक धंधेबाज से था। पूछताछ और जांच में सामने आया कि इस धंधेबाज का कनेक्शन बड़े व्यापारी से भी निकला गया।
ऐसे ही बैंकॉक से आने वाले सोने की आपूर्ति कोलकाता फिर हिंदी बाजार सामने आया। गोला के युवकों के पकड़े जाने पर एजेंसी के पास आसपास के कुछ और लोगों के नाम सामने आए हैं। सूत्रों ने बताया कि इस नेटवर्क में भी कोलकाता और हिंदी बाजार का नाम सामने आया था।
डीआरआई हिंदी बाजार में पहले भी कर चुकी है कार्रवाई
डीआरआई की टीम ने पिछले तीन-चार वर्षों में हिंदी बाजार के कुछ धंधेबाजों और उनके कैरियर पर कार्रवाई की है। इस दौरान भी जांच में बैंकॉक, कोलकाता और दक्षिणांचल कनेक्शन सामने आया था। सूत्रों ने बताया कि दो दिन पहले हिंदी बाजार के नक्की रोड से सिन्हा गली में जाने वाली रोड पर एजेंसी की एक गाड़ी खड़ी थी। कानपुर के पंजीकरण से दर्ज गाड़ी में टीम में आई थी और तीन घंटे बाद टीम बाजार से लौट गई थी।
सराफा मंडल अध्यक्ष गणेश वर्मा ने बताया कि डीआरआई की टीम के बाजार में आने की सूचना मिली थी। मंगलवार बंदी की वजह से किस व्यापारी के यहां टीम गई, इसकी जानकारी नहीं हो पाई है। केंद्रीय एजेंसी की टीमें ऐसी कार्रवाई करें तो बेहतर है। लेकिन, किसी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।