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Gorakhpur News:असली डॉक्टर के नाम पर 'क्लोन डिग्री',कई जिलों में चला रहे थे फर्जी डायग्नोस्टिक सेंटर- गिरफ्तार

Mon, 02 Sep 2024 04:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

असली डॉक्टर के नाम की फर्जी डिग्री (क्लोन) तैयार कर बेचने और उससे वाराणसी, गाजीपुर और प्रयागराज में क्लीनिक व डायग्नोस्टिक सेंटर चलाने वाले तीन आरोपियों को गुलरिहा पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गाजीपुरके बृजेश लाल, वाराणसी सारनाथ के ओमप्रकाश गौतम और चौबेपुर थाना क्षेत्र के दीपक विश्वकर्मा के रूप में हुई।
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गिरफ्तार तीनों आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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असली डॉक्टर के नाम की फर्जी डिग्री (क्लोन) तैयार कर बेचने और उससे वाराणसी, गाजीपुर और प्रयागराज में क्लीनिक व डायग्नोस्टिक सेंटर चलाने वाले तीन आरोपियों को गुलरिहा पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गाजीपुर जिले के भुडकुडा थाना क्षेत्र के पदुमपुर मैगरराय निवासी बृजेश लाल, वाराणसी सारनाथ के दीनापुर चिरईगांव के ओमप्रकाश गौतम और चौबेपुर थाना क्षेत्र के बराई निवासी दीपक विश्वकर्मा के रूप में हुई।

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पूछताछ के बाद पुलिस ने इन्हें कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया। गैंग के मुख्य सरगना की तलाश अभी जारी है। पुलिस के मुताबिक, प्रदेश के विभिन्न जिलों में यह गैंग अवैध डिग्री बेचने का काम कर रहा है। जांच आगे बढ़ने पर कई और जिलों में अवैध क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर मिल सकते हैं। पुलिस को 50 हजार से लेकर पांच लाख रुपये तक में डिग्री बेचने के साक्ष्य मिले हैं।
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एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि डॉ. राहुल नायक ने गुलरिहा थाने में 17 मई को तहरीर देकर बताया कि उनके नाम की डिग्री की कूटरचना कर अवैध तरीके से डायग्नोस्टिक व अल्ट्रासाउंड सेंटर खोला गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की तो डॉक्टर की डिग्री पर गाजीपुर जिले के जखनियां में अवैध डायग्नोस्टिक सेंटर चलता पाया गया।

पुलिस ने संचालक बृजेश लाल को गिरफ्तार किया तो गैंग के बारे में पता चला। बृजेश ने पूछताछ में बताया कि उसे यह डिग्री वाराणसी सारनाथ निवासी ओमप्रकाश गौतम ने 50 हजार रुपये में दी थी। इसके बाद पुलिस ने ओमप्रकाश गौतम को पकड़ा।

पुलिस के अनुसार, ओमप्रकाश द्वारा पटना से डेंटिस्ट का अवैध डिप्लोमा बनवाकर वाराणसी के जाल्हूपुर में आदर्श डेंटल एंड आई क्लीनिक चलाया जा रहा था। ओमप्रकाश ने बताया कि उसे यह डिग्री वाराणसी के ही चौबेपुर में सहारा अस्पताल चलाने वाले संचालक दीपक विश्वकर्मा ने 35 हजार में दी थी। इसे उसने बृजेश को 50 हजार में बेच दी थी। दीपक को पकड़कर पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि डॉक्टरों की डिग्री अस्पताल में काम करने वाले सुहैल द्वारा दी जाती थी।

जांच में वाराणसी में जीवन ज्योति क्लीनिक और प्रयागराज में एक क्लीनिक अवैध डिग्री पर चलता पाया गया है। इसकी सूचना पुलिस ने वहां के सीएमओ को दे दी है।

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