- जमीनों को चिह्नित कर खाली करने का नगर निगम ने भेजा नोटिस
- पीपीगंज रोड, नौसड़ और एमएमएमयूटी के पास की जमीनों पर किया गया है कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। नगर निगम की जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध तरीके से निजी बाउंड्री, होटल, सर्विस सेंटर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खोल लिया है। अब इन संस्थानों पर नगर आयुक्त की नजर पड़ी है। इन कब्जों को एक सप्ताह के भीतर खाली करने का नोटिस भेजा जा चुका है। अगर खाली नहीं किया गया तो निगम खुद कब्जा हटाएगा।
गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर नगर निगम की जमीन पर ढाबा संचालित हो रहा है। जबकि, इसी इलाके में एक जमीन पर चार पहिया गाड़ी का सर्विस सेंटर खुला है। नगर निगम ने इन्हें नोटिस देकर एक सप्ताह के भीतर खाली करने का समय दिया है।
दरअसल, अपर नगर आयुक्त निरंकार सिंह के नेतृत्व में नगर निगम की जमीन खाली कराने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम नौसढ़ और एमएमएमयूटी के पास के कब्जाधारकों को नोटिस दिया गया है। ये जमीनें करोड़ों की हैं। इसी तरह पीपीगंज रोड पर भूमाफिया ने निगम की जमीन पर रेस्टोरेंट और धर्मकांटा बना रखा है।
नौसड़ के पिपरिया गांव में निगम की जमीन पर भूमाफिया ने प्लाटिंग कर दी थी। निगम के प्रवर्तन दल ने निर्माण हटाकर कब्जा मुक्त किया। इसके अलावा, सिटी माल के सामने निगम की पार्किंग पर करीब पांच महीने से अवैध पार्किंग का संचालन किया जा रहा था।
सात माह में 68 एकड़ जमीन कराई खाली
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि पिछले सात से आठ महीने में 44 से अधिक स्थान पर 68 एकड़ जमीन मुक्त कराई गई है। इसके अलावा काफी जमीन चिह्नित की गई है। सिर्फ जमीनों की कीमत ही 315 करोड़ रुपये से अधिक है। महेवा मुस्तकील, जंगल शिकारी उर्फ खोराबार, गुलरिहा, मिर्जापुर, नौसढ़, जंगल तुलसीराम बिछाया, लच्छीपुर, सिक्टौर, करमहा, उमरपुर, विलन्दपुर खात्ता, जंगल बहादुर अली, हरसेवकपुर, महादेव झारखंडी, जंगल नकहा, सेमरी इलाके में नगर निगम की जमीन पर कब्जा किया गया है।
कोट
नगर निगम की भूमि से अवैध कब्जे हटेंगे तो इन जमीनों का लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। दूसरे सरकारी विभाग भी किसी योजना में इन जमीनों को सरकारी कामों में प्रयोग कर सकेंगे। इसके अलावा, इन जमीनों पर कब से कब्जा है? कैसे कब्जा किया गया? इन सब की भी जांच हो रही है। भूमाफिया को चिह्नित कर इनसे जमीन खाली करवाने के साथ इनपर विधिक कार्रवाई भी करवाई जाएगी।
- गौरव सिंह सोगरवाल, नगर आयुक्त