गोरखपुर। दसलक्षण महापर्व के सातवें दिन मंगलवार को आर्य नगर दक्षिणी स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम तप धर्म की आराधना की गई। सुबह मंदिर में श्रीजी का अभिषेक और शांतिधारा के बाद दसलक्षण विधान के तहत उत्तम तप धर्म की पूजा हुई। इसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने शामिल होकर धर्मलाभ अर्जित किया। पूजन के दौरान बताया गया कि सच्चा तप बाहरी आडंबर नहीं बल्कि इच्छाओं के निरोध और आत्मशुद्धि का मार्ग है। उपवास, संयम और कषायों पर विजय प्राप्त करना ही उत्तम तप है। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा कर भगवान का स्मरण किया। शाम को मंदिर में सामूहिक आरती का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से आरती में हिस्सा लिया और विश्व शांति और जनकल्याण की कामना की। इस दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष पुष्पदंत जैन, मंत्री ज्ञानेंद्र जैन, रोहित जैन, गौरव, प्रखर, वर्धमान सहित समाज के लोग मौजूद रहे।