रामघाट पर दलदल मिट्टी के मजबूर होकर स्नान पूजा करते श्रद्धालु
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मौनी अमावस्या पर बुधवार को रामघाट पर राप्ती नदी में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने स्नान किया। रामघाट की सीढ़ियों से मिट्टी न हटने की वजह से श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हुई। नीचे की तरफ दलदल में फंसते हुए श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
बुधवार को भोर से ही स्नान के लिए श्रद्धालु रामघाट पर पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर निगम ने नदी में बैरिकेडिंग कराई थी ताकि वे गहरे पानी की तरफ न जाएं। घाट पर भी साफ-सफाई कराई गई थी। पानी का स्तर कम होने की वजह से नीचे की सीढ़ियों पर मिट्टी जमी हुई थी, लेकिन उसे नहीं हटवाया गया।
नतीजा यह हुआ कि बुधवार सुबह तक सूखी मिट्टी कीचड़ में बदल गई और बहुत सारे श्रद्धालु उसमें फिसलकर गिरने लगे। कुनराघाट के अभिषेक नदी में स्नान करने के बाद बाहर निकल रहे थे। सीढ़ी के पास पहुंचते ही उनका पैर फिसल गया और वह गिर गए। इसके बाद नदी में दोबारा जाकर स्नान किया।
इस दौरान वह व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को कोसते रहे। एक महिला स्नान कर निकलते समय दलदल में फंस गई जिसको वहीं खड़े एक व्यक्ति ने पकड़कर बाहर निकाला। नगर निगम के जोनल अधिकारी एनडी पांडेय ने बताया कि घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सफाई कराई गई थी। नदी में भी बैरिकेडिंग की व्यवस्था थी। मिट्टी हटाने का कार्य सिंचाई विभाग का है।
बोले श्रद्धालु...
स्नान के लिए नदी में बैरिकेडिंग तो थी लेकिन सीढ़ियों पर मिट्टी की वजह से काफी फिसलन थी। इससे वहां पैर फिसल रहा था। बहुत सारे लोग वहां गिर गए:
कृतिमा पासवान
स्नान वाली जगह पर दलदल था। स्नान में दिक्कत हो रही थी। कई बार पैर फंस जा रहा था। सीढ़ी पर मिट्टी को हटवाना चाहिए था:
पिंकी