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Gorakhpur News: आर्थक के खिलाफ आर्म्स एक्ट केस में एफआर कैसे लगी..होगी जांच

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गोरखपुर। कुशीनगर में आर्केस्ट्रा डांसरों के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले के आरोपी आर्थक सिंह और उसके साथियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने उनकी पुरानी फाइलों की जांच नए सिरे से शुरू कर दी है। कैंट थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के एक केस में एफआर लग गई थी। एसएसपी ने अब इसकी फाइल दोबारा खुलवा दी है। आरोपियों के विरुद्ध गोरखपुर में कितने केस दर्ज हैं, इसकी जानकारी भी कुशीनगर पुलिस को भेजी गई है।
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कुशीनगर की घटना का पुलिस मुख्यालय ने संज्ञान लिया तो अब आर्थक सिंह समेत सभी आरोपियों की आपराधिक रिकाॅर्ड खंगाली जा रही है। इसी दौरान पता चला कि आर्थक सिंह ने पांच सितंबर, 2022 को गोरखपुर विश्वविद्यालय के आरपी शुक्ल छात्रावास में अपने साथियों संग मारपीट की थी। कैंट थाना पुलिस ने आर्थक सिंह के साथ ही जगरनाथपुर में रहने वाले हर्ष सिंह, गुलरिहा के जैनपुर में रहने वाले ओम मिश्रा, सहजनवां के सेमरा गांव में रहने वाले अमन सोलंकी, खोराबार के रामगढ़ उर्फ चंवरी के विवेक पांडेय और देवरिया जिले के गौरीबाजार स्थित खैरटिया गांव के रहने वाले ऋषिकेश को पकड़ा था।



आर्थक के पास से .32 बोर का एक कारतूस मिलने पर थाने के दरोगा सुशील कुमार यादव ने उसके विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कराया, जिसमें एफआर (अंतिम रिपोर्ट) लगा दी गई थी।
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नेपाल घूमकर लौटे और कुशीनगर जाकर दिया घटना को अंजाम



पुलिस की छानबीन में पता चला कि आर्थक सिंह, हाॅस्पिटल संचालक विवेक सेठ आठ सितंबर को नेपाल गए थे। वहां से लौटने के बाद हर्ष सिंह, विपिन यादव, नागेन्द्र यादव, अश्वन सिंह, कृष तिवारी व अन्य के साथ कप्तानगंज के सोहनी गांव में रहने वाले अजीत सिंह घर पहुंचे थे। पकड़े गए युवकों से पूछताछ में पता चला कि कुशीनगर जिले में आर्थक सिंह की छावनी है, जहां वह अक्सर इस तरीके की पार्टी करता था। आठ सिंतबर को अजीत का जन्मदिन होने की वजह से इन लोगों ने उसके घर पर पार्टी की थी। रात तक शराब की पार्टी चली। वहीं से डांसरों के उठाने गए और दरिंदगी के बाद पकड़े गए थे।

वर्जन



कुशीनगर में वारदात करने वाले आरोपियों का आपराधिक विवरण जुटाया जा रहा है। आर्थक सिंह के विरुद्ध दर्ज हुए आर्म्स एक्ट के केस में एफआर (अंतिम रिपोर्ट) कैसे लगी, इसकी जांच कराई जा रही है। लापरवाही मिलने पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के साथ ही नए सिरे से मामले की विवेचना कराई जाएगी।
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- डाॅ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी
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