गोरखपुर। मोहद्दीपुर स्थित बहुमंजिली इमारत में शुक्रवार को अवैध निर्माण को लेकर की गई शिकायतों की गोरखपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने जांच की। प्राधिकरण के ओएसडी एसडीएम पीके सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने बेसमेंट एक और बेसमेंट दो का निरीक्षण किया। तकरीबन 15 मिनट की जांच के बाद अधिकारियों की टीम लौट आई। हालांकि जांच टीम से शिकायतकर्ता सौरभ जायसवाल से मुलाकात नहीं हो पाई। सौरभ अपने निजी काम के सिलसिले में लखनऊ गए हुए थे। बिल्डर पर अपनी जमीन कब्जा करने का आरोप लगाने वाले दूसरे शिकायतकर्ता गौरव पांडेय मौके पर पहुंचे लेकिन आरोप है कि टीम ने उनकी कोई बात नहीं सुनी।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने जीडीए के ओएसडी प्रदीप सिंह, सहायक अभियंता राजबहादुर सिंह, अवर अभियंता मनीष त्रिपाठी, राजपति वर्मा समेत अन्य के साथ पहुंचे। मिली जानकारी के मुताबिक जांच में अधिकारियों को बेसमेंट में पार्किंग संचालित मिली। हालांकि बिल्डर ने बेसमेंट में मैकेनाइज्ड पार्किंग बनाने का दावा किया था लेकिन सिर्फ 06 गाड़ियां खड़ी करने के लिए ही मैकेनाइज्ड पार्किंग मिली।
बेसमेंट में सीढ़ी का मार्ग बाधित मिला। कामर्शियल के अलावा के हिस्से पर पार्किंग के बजाय लाइब्रेरी संचालित होती मिली। इसके अलावा टीम को कुछ और खामियां भी मिली। हालांकि बेसमेंट क्षेत्र में अनुमति से अधिक दुकानों का निर्माण, अग्निशमन के लिए सीढ़ियों का निर्माण न होने, सेटबैक न छोड़ने, भू विभाजन शुल्क न लेने जैसे बिन्दुओं की गहराई से जांच शिकायकर्ता के न होने से नहीं हो पाई। उधर, बिल्डिंग में रहने वाले कुछ लोग भी टीम के पहुंचने की सूचना पाकर अपनी बात कहने पहुंचे। लेकिन, तब तक टीम निरीक्षण कर निकल चुकी थी। प्राधिकरण के मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि प्राधिकरण उपाध्यक्ष के निर्देश पर जांच टीम ने शुक्रवार को जांच की है। उम्मीद है कि निर्धारित अवधि में जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर प्राधिकरण सचिव एवं प्राधिकरण उपाध्यक्ष अग्रिम निर्णय लेंगे।