ट्रैक्टर लोन की किस्त नहीं चुकाने पर बृहस्पतिवार सुबह लार पुलिस ने कोलकाता की एक अदालत के आदेश पर हियुवा के पूर्व जिला मंत्री और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि गिरफ्तारी होने के कुछ देर बाद ही पूर्व मंत्री की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा, जहां पुलिस अभिरक्षा में उनका इलाज चल रहा है। पुत्र को लार पुलिस की एक टीम कोलकाता लेकर चली गई।
लार कस्बा के पिपरा चौराहा निवासी हियुवा के पूर्व जिला मंत्री अरुण कुमार सिंह और उनके पुत्र रितुदमन सिंह के खिलाफ कोलकाता न्यायालय में लोन की किस्त न देने का मामला चल रहा है। न्यायालय ने दोनों पिता-पुत्र को उपस्थित होने के लिए कई बार नोटिस भेजा, लेकिन दोनों उपस्थित नहीं हो रहे थे। इस पर न्यायालय ने लार थाने को दोनों की गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया। बृहस्पतिवार सुबह लार पुलिस की एक टीम अरुण सिंह के घर पहुंच गई और पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया।
लार पुलिस दोनों को कोलकाता ले जाने की तैयारी कर रही थी, इसी दौरान अरुण सिंह की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीएचसी ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पुलिस अभिरक्षा में उनका इलाज मेडिकल कालेज में चल रहा है। लार इंस्पेक्टर कपिल देव चौधरी ने बताया कि कोलकाता न्यायालय से गिरफ्तारी का वारंट आया था। उसी के आधार दोनों की गिरफ्तारी की गई है। अरुण की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लार थाने से एक सब इंस्पेक्टर व चार सिपाहियों के साथ उनके पुत्र रितुदमन सिंह को कोलकाता न्यायालय में पेश करने के लिए भेज दिया गया है।
टीवीएस क्रेडिट लिमिटेड कंपनी से लोन पर लिया था ट्रैक्टर
लार के पिपरा निवासी हियुवा के पूर्व जिला मंत्री अरुण कुमार सिंह के पुत्र रीतुदमन सिंह ने करीब सात साल पहले टीवीएस क्रेडिट लिमिटेड कंपनी की स्थानीय शाखा से ट्रैक्टर लोन लिया था। इस कंपनी का हेड ऑफिस कोलकाता में है। इसमें अरुण गारंटर थे। ट्रैक्टर लेने के बाद लोन की किस्त का भुगतान नहीं किया गया। लोन देने वाली कंपनी का आरोप है कि लोन पर लिए गए ट्रैक्टर कहीं बेच भी दिया गया है। इसी मामले में कंपनी ने कोलकाता न्यायालय से वाद दाखिल किया, जिसके बाद जारी गिरफ्तारी वारंट लार थाने में आने के बाद पिता और पुत्र की गिरफ्तारी की गई है।