गोरखपुर। फर्जी स्टांप बेचने वाला बिहार के सिवान जिले का गिरोह जाली नोट भी छापता है। गिरोह के मास्टरमाइंड नवाज आरजू की निशानदेही पर बुधवार को कैंट थाना पुलिस ने 200 रुपये के चार जाली नोट बरामद किए थे। विवेचक ने शुक्रवार को इसी मामले में रिमांड पर लेने के साथ ही केस में जाली नोट छापने की धारा भी बढ़ा दी। यूपी एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने एक सितंबर को सिवान (बिहार) मोफस्सिल नई बस्ती के रहने वाले नवाब आरजू व उसके साथी राजू को रेलवे स्टेशन के पास फर्जी स्टांप, नकदी व एक गाड़ी के साथ पकड़कर कैंट थाने में केस दर्ज कराया था। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि वह जाली नोट भी छापता है। एटीएस के निरीक्षक की तहरीर पर केस दर्ज कर कैंट पुलिस ने आरोपियों को जेल भिजवा दिया। जाली नोट के संबंध में पूछताछ करने के लिए विवेचक ने न्यायालय में अर्जी देकर नवाब आरजू की कस्टडी रिमांड मांगी थी।
मजिस्ट्रेट ने अर्जी स्वीकृत कर बुधवार को सुबह सात से रात 10 बजे तक के लिए नवाब की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की थी। जिला कारागार से अभिरक्षा में लेकर विवेचक पहले सिवान गए, वहां पहुंचने पर उसने बताया कि मैरवा में रहने वाली बहन के घर पर जाली नोट, प्रिंटर व लैपटाप रखा था। पकड़े जाने के बाद उसकी पत्नी ने गोरखपुर में ले जाकर छिपा दिया है।
रात को कैंट पुलिस ने नवाब आरजू की निशानदेही पर रेलवे स्टेशन के गेट नंबर सात के पास झाड़ी में पड़े बैग से लैपटाप, प्रिंटर के साथ ही 200 रुपये के चार जाली नोट बरामद किए। रात होने की वजह से उसे कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका था। जालसाज के कब्जे से जाली नोट व प्रिंटर मिलने की जानकारी सीजेएम कोर्ट में देने के साथ ही विवेचक ने रिमांड लेने की अर्जी थी। शुक्रवार को जाली नोट छापने की धारा बढ़ाने के साथ ही कैंट पुलिस ने नवाब आरजू को इस मामले में न्यायालय में पेश कर रिमांड लिया।
वर्जन
नवाब आरजू ने रिमांड पर लेने पर लैपटाप, प्रिंटर के साथ ही 200 रुपये के चार जाली नोट बरामद कराए हैं। जालसाजी केस में अब जाली नोट की धारा बढ़ा दी गई है।
अभिनव त्यागी, एसपी सिटी