- गोरखपुर विकास प्राधिकरण की 126वीं बोर्ड बैठक आज
- गोरखपुर महायोजना 2031 में विनियमितीकरण क्षेत्र को लेकर गठित कमेटी की रिपोर्ट होगी पेश
- खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी परियोजना के विस्थापितों के पुर्नवास पर प्रस्ताव पर भी होगी चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) बोर्ड की बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक पर सभी की निगाहे हैं। खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन से बाहर हुए काश्तकारों को उनके मकान का मालिकाना हक देने के प्रस्ताव को रखा जाएगा। इसके अलावा प्रमुख विस्तारित क्षेत्र में मास्टर प्लान और दशकों से लटका विनियमितीकरण का मामला भी इसमें शामिल किया गया है। बैठक में होने वाले फैसलों से ढाई लाख से अधिक की आबादी को राहत मिल सकती है। बोर्ड की बैठक में करीब 25 एजेंडा रखा गया है।
जीडीए बोर्ड की बैठक अक्तूबर 2023 के बाद बृहस्पतिवार को कमिश्नर अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में होगी। बोर्ड बैठक में प्राधिकरण के विस्तारित क्षेत्र में मास्टर प्लान बनाने को मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है। चार साल पहले हुए जीडीए के सीमा विस्तार में चौरीचौरा, कैंपियरगंज, सहजनवां और वाराणसी रोड के 233 राजस्व गांव और तीन नगर पंचायतें शामिल की गईं थी। इन नगर पंचायतों में पीपीगंज, मुंडेराबाजार और पिपराइच शामिल है। इन क्षेत्रों का मास्टर प्लान नहीं तैयार हो पाने की वजह से मार्च में लागू हुई प्राधिकरण की नई महायोजना 2031 में विस्तारित क्षेत्र का भू-उपयोग नहीं निर्धारित किया जा सका। इन्हें छोड़कर बाकी क्षेत्र जो पहले से जीडीए की सीमा में थे, उनका मास्टर प्लान साल 2017 में ही तैयार कर लिया गया था। ऐसे में महायोजना 2031 में इन्हें भाग ‘क’ के रूप में शामिल कर उनका भू-उपयोग भी निर्धारित किया गया। नए विस्तारित क्षेत्र को महायोजना में भाग ख में दर्ज कर दिया गया। इन क्षेत्रों का मास्टर प्लान नहीं होने से भू-उपयोग निर्धारित नहीं है, जिसकी वजह से मानचित्र नहीं पास हो पा रहे हैं।
बोर्ड बैठक में विस्तारित क्षेत्र के लिए मास्टर प्लान बनाने का प्रस्ताव लाया जाएगा। प्रस्ताव पर बोर्ड की स्वीकृति के बाद ई-टेंडर के जरिए कंसल्टेंट फर्म चुनी जाएगी। यह फर्म भाग क में शामिल क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए भाग-ख का मास्टर प्लान तैयार करेगी। इससे करीब डेढ़ लाख की आबादी को राहत मिलेगी। वहीं राप्तीनगर टाउनशिप एवं स्पोर्ट्स सिटी और ग्रीनवुड आवासीय योजना की दरों को अवलोकन के लिए बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। साथ ही लच्छीपुर और हरसेवकपुर ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट समेत अन्य आवासीय प्रोजेक्ट शुरु करने पर भी बोर्ड बैठक में निर्णय लिया जाएगा। निर्माण वैध कराने को लेकर करीब ढाई दशक से परेशान 50 हजार से अधिक लोगों की परेशानी का भी बोर्ड बैठक में स्थायी समाधान हो जाने की पूरी उम्मीद है। विनियमितीकरण मामले के निस्तारण के लिए गठित कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है, जिसपर बोर्ड बैठक में चर्चा होगी। अंतिम मुहर लगने के बाद विनियमित क्षेत्र में मानचित्र स्वीकृति को मंजूरी मिल जाएगी। जीडीए का दावा है कि रिपोर्ट संबंधित क्षेत्र के प्रभावित लोगों के पूरी तरह से हित में है। शासन की ओर से सात मार्च 2024 को नई महायोजना 2031 लागू कर दी गई है। इसमें शहर के बड़े क्षेत्र करीब 2500 एकड़ क्षेत्रफल को विनियमित करने का अधिकार शासन ने जीडीए बोर्ड को दे दिया था। बोर्ड ने इसके लिए एक कमेटी गठित कर रखी है।
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आठ हजार अवैध निर्माण हो जाएंगे वैध
कमेटी की रिपोर्ट नहीं आने की वजह से महायोजना लागू होने के करीब तीन माह बाद भी विनियमितीकरण को मंजूरी नहीं मिल पाने से लोग मानचित्र नहीं स्वीकृत करा पा रहे थे। यहां का भू प्रयोग पहले की तरह विनियमित क्षेत्र ही दर्ज होने से मानचित्र स्वीकृत नहीं हो पा रहा था। अब रिपोर्ट आ गई है तो इसे बोर्ड से मंजूरी भी मिल जाने की उम्मीद है, जिसके बाद संबंधित क्षेत्र के लोग मानचित्र पास करवा सकेंगे। साथ ही अब तक चिह्नित हो चुके आठ हजार से अधिक अवैध निर्माण भी वैध हो सकेंगे। इससे संबंधित क्षेत्र के लोगों को तो राहत मिलेगी ही प्राधिकरण के सिर से भी लंबे समय से अवैध निर्माण का दाग भी धुल जाएगा।
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रिंग रोड के मुआवजे पर होगी चर्चा
रामगढ़ताल रिंग रोड परियोजना के तहत मोहद्दीपुर से सहारा एस्टेट तक की सड़क को लेकर फंसा मुआवजे का पेंच भी जीडीए बैठक में सुलझ सकता है। इसके साथ ही प्राधिकरण की लांच हो चुकी आवासीय परियोजनाओं में दर को मंजूरी मिलेगी तो वहीं नई परियोजनाओं पर भी चर्चा होगी।
शासन में भेजा जाएगा रामगढ़ताल से गाद निकालने का प्रस्ताव
रामगढ़ताल से गाद निकालने के लिए तैयार प्रस्ताव को जीडीए बोर्ड की बैठक से बाहर रखा गया है। इसे शासन में भेजने का निर्णय लिया गया है। रामगढ़ताल से 12 लाख घन मीटर गाद निकालने के लिए फर्म ने प्रस्ताव तैयार किया है। 28 जून को रामगढ़ताल में घुलित ऑक्सीजन की कमी से मछलियों के मरने के बाद ताल की सफाई को लेकर प्राधिकरण गंभीर हुआ है।
वर्जन...
जीडीए बोर्ड की बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक में जनहित के कई मुद्दों पर चर्चा होगी। विस्तारित क्षेत्र में मास्टर प्लान और विनियमितीकरण समेत कई मुद्दों पर निर्णय होने की उम्मीद है।
आनंद वर्द्धन, उपाध्यक्ष, जीडीए