- गोरखपुर विश्वविद्यालय ने मलयेशिया के आईएनटीआई इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के साथ किया समझौता
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और मलयेशिया की आईएनटीआई (इंटी) इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के बीच बृहस्पतिवार को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ। इसके तहत दोनों विश्वविद्यालय एक दूसरे से छात्र और संकाय आदान-प्रदान करेंगे।
यह समझौता ज्ञापन (एमओयू) वर्तमान में भारत और मलयेशिया के बढ़ते राजनयिक संबंधों के अनुरूप हैं। इससे दोनों देशों के बीच एक स्थायी साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। आईएनटीआई इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, मलयेशिया ने वैश्विक शिक्षा में उल्लेखनीय पहचान हासिल की है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग, 2024 में इसका 556वां स्थान है। इसके अलावा, एशिया 2024 के लिए क्यूएस यूनिवर्सिटी रैंकिंग के अनुसार, आईएनटीआई को इनबाउंड एक्सचेंज छात्रों के लिए एशिया में नंबर एक संस्थान के रूप में माना जाता है।
प्रोफेसर डॉ. गोह खांग वेन, प्रो वाइस चांसलर, ग्लोबल एंगेजमेंट ने शिक्षा और अनुसंधान के साथ-साथ सांस्कृतिक संपर्क और संकाय-छात्र आदान-प्रदान में भी सहयोग की संभावना पर जोर दिया। उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में गहरी रुचि व्यक्त की और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए भारतीय प्रतिनिधियों को मलयेशिया आमंत्रित किया। डीडीयू में अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. रामवंत गुप्ता ने एमओयू के दायरे को रेखांकित किया। उन्होंने डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और अकादमिक उत्कृष्टता का परिचय भी दिया।
अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देगा एमओयू : कुलपति
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने पहले नेपाल, मलयेशिया के संस्थानों और अब आईएनटीआई विश्वविद्यालय, मलयेशिया के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। दोनों विश्वविद्यालयों ने विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम के अनुसार छात्र और संकाय आदान-प्रदान और छात्र इंटर्नशिप के माध्यम से अकादमिक और शोध अंतराल को पाटने पर सहमति व्यक्त की। समझौता ज्ञापन का उद्देश्य भविष्य के सहयोगी प्रयासों को बढ़ावा देना है जो दोनों देशों में अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देगा। यह समझौता अकादमिक आदान-प्रदान, अनुसंधान सहयोग और संयुक्त कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करता है जो दोनों विश्वविद्यालयों के छात्रों और संकाय को लाभांवित करते हैं।