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Gorakhpur News: ब्लॉक सिग्नलिंग के ट्रायल के लिए तारीख पर तारीख

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- पहले 5 मार्च फिर 12 मार्च और फिर 17 मार्च की डेट हुई प्रस्तावित
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- नहीं मिली मंजूरी, 31 मार्च से पहले पूरा करना है ब्लॉक सिग्नलिंग का काम

- सिस्टम लागू होने पर दो स्टेशनों के बीच में दौड़ सकेंगी एक से अधिक ट्रेन

अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जगतबेला से मगहर स्टेशन के बीच ऑटो ब्लॉक सिग्नलिंग के ट्रायल के लिए रेलवे बोर्ड से इंटरलाकिंग के लिए अभी डेट ही नहीं मिल पा रही है। इसकी बड़ी वजह यह है कि होली के लिए 30 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जबकि इंटरलाकिंग व ट्रायल में कम से कम तीन दिन का समय लगेगा। इस वजह से करीब 150 ट्रेनों का आवागमन प्रभावित होगा।
दो स्टेशनों के बीच एक ही समय में एक से अधिक ट्रेनें चलाने के लिए ऑटो ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। पहले चरण में बाराबंकी से छपरा रूट पर गोरखपुर से बस्ती के बीच काम चल रहा है। 31 मार्च तक इस खंड पर कुछ काम पूरा होना है। अभी जगतबेला से मगहर के बीच यह सिस्टम लगाने के लिए काफी काम हो चुका है। अब इसका ट्रायल होना है। पहले इसके लिए पांच मार्च की तारीख तय हुई थी, लेकिन प्रधानमंत्री के वाराणसी और आजमगढ़ में शिलान्यास व उद्घाटन के चलते डेट टल गई। इसके बाद संभावित तारीख 12 मार्च तक हुई, लेकिन उस दिन फिर कई ओवरब्रिज व अन्य विकास कार्याें के शिलान्यास व उद्घाटन की तारीख आ गई। अब नई डेट 17, 18 व 19 मार्च प्रस्तावित हुई थी, लेकिन इस बीच होली स्पेशल ट्रेनों के चलते डेट तय नहीं हो पाई है।
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सिस्टम शुरू होने से ट्रेनों की टाइमिंग में होगा सुधार
सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि ऑटाे ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम शुरू होने के बाद दो स्टेशनों के बीच कुछ समय के अंतराल पर ही एक से अधिक ट्रेनों का संचालन आसान होगा। जबकि, पहले औसतन 10 किलोमीटर की दूरी पर ही दो ट्रेनों का संचालन होता था। नई सुविधा से एक ही रूट पर एक के पीछे दूसरी ट्रेनों का संचालन संभव होगा। इसका फायदा यह होगा कि ट्रेनों को लाइन क्लीयर के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सीपीआरओ ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे में सिग्नल लगाने का काम चल रहा है।
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