गोरखपुर। कमिश्नर अनिल ढींगरा ने रामगढ़ताल में क्रूज का संचालन जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को मोहद्दीपुर में रामगढ़ताल किनारे बन रहे क्रूज का जायजा लेने पहुंचे कमिश्नर ने निर्माण करा रही फर्म के प्रबंध निदेशक से जानकारी ली। इस दौरान जेट्टी पर क्रूज के तैरते हुए प्लेटफार्म को बांधने को लेकर आ रही समस्या के समाधान का निर्देश कमिश्नर ने जीडीए अधिकारियों को दिए। जीडीए अफसरों के मुताबिक, नवरात्र में इसका उद्धाटन करने की तैयारी है, ताकि लोग सैरसपाटा कर सकें।
बीते दिनों गोरखपुर के दौरे पर आए सीएम योगी ने क्रूज के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जल्द से जल्द क्रूज का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद से क्रूज के निर्माण में जुटी फर्म मेसर्स राजकुमार राय की ओर से इसका काम तेजी से कराया जा रहा है। बाहरी काम पूरा होने के बाद आतंरिक साज-सज्जा क्रूज के पानी में उतरने के बाद होगी। क्योंकि इसके पानी में उतारने के दौरान कांच सहित अन्य सामग्री के टूटने का खतरा रहता है।
जलस्तर कम होने से आ सकती हैं मुश्किलें
जीडीए उपाध्यक्ष आनंदवर्धन, प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह, अधिशासी अभियंता नरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता अरुण कुमार तायल के साथ पहुंचे कमिश्नर को राजकुमार राय और पंकज भगत ने बताया कि क्रूज पानी में उतरने के लिए तैयार है। इसके लॉचिंग पैड का निर्माण चल रहा है। राजकुमार राय ने कमिश्नर को बताया कि जलस्तर कम होने से संचालन में दिक्कत आ सकती है, इसलिए रामगढ़ताल से सिंचाई विभाग को पानी देना बंद किया जाए। दूसरे, सिक्टौर की ओर पाम पैराडाइज के बाद बनी वॉल को और अधिक ऊंचा कराया जाए। क्रूज के संचालन के लिए कम से कम तीन मीटर गहराई का जलस्तर आवश्यक है।
दरअसल, रामगढ़ताल से महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर एक से 11.02 किलोमीटर लंबी नहर निकलकर केवटलिया गांव तक जाती है। महादेव झारखंडी में लगे पंप से रामगढ़ताल का पानी नहर में डाला जाता है। इससे किसान सिंचाई करते हैं। एक अक्तूबर के बाद नहर बंद हो जाती है। इसके अलावा रामगढ़ताल में पाम पैराडाइज की ओर एक वॉल बनाई गई है, जिससे पानी निकलकर तरकुलानी रेग्युलेटर तक जाता है। रेग्युलेटर से पानी को पंप करके राप्ती नदी में डाला जाता है। इससे रामगढ़ताल का जलस्तर कम हो जाता है, जिससे क्रूज चलने में दिक्कत आ सकती है।
क्रूज में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं, लोगों को लुभाएगी सजावट
क्रूज में आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। रेस्टोरेंट, बार सहित अन्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसकी आंतरिक सजावट का काम कर रही इमोशन के आर्किटेक्ट इंजीनियर नितिन पांडेय और अर्चिता अग्रवाल ने बताया कि सजावट ऐसी होगी कि लोगों को क्रूज से उतरने का मन न करे। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के देसी, साउथ इंडियन, चाइनीज, लजीज व्यंजनों का आनंद भी पर्यटक उठा सकेंगे।