विदेश भेजने के नाम पर सैकड़ों बेरोजगारों से करोड़ों की ठगी करने वाली कंपनी के तीन कर्मचारियों को एसआईटी ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। इनमें कंपनी की महिला कंप्यूटर ऑपरेटर चौरीचौरा के रामूडीहा निवासी माधुरी सिंह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अजय तिवारी और झंगहा के जंगल रसूलपुर निवासी शिवबदन शामिल हैं।
एसआईटी प्रभारी इंस्पेक्टर रामभवन यादव ने चौरीचौरा थाने में बताया कि सोनबरसा बाजार स्थित गोल्डेन लाइन कार्पोरेशन के लोगों ने गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और महराजगंज के करीब तीन सौ लोगों से विदेश में नौकरी के नाम पर करोड़ों की वसूली की। इसके बाद सभी दफ्तर में ताला बंद कर फरार हो गए।
15 फरवरी को ठगी के शिकार कई बेराजगार युवक कंपनी के दफ्तर पहुंचे और तोड़फोड़ कर हाइवे पर जाम लगा दिया था। जिसके बाद पुलिस ने रविवार को संग्रामपुर निवासी नितिन श्रीवास्तव की तहरीर पर कंपनी के रजनीश पाठक, सहायक कमल किशोर, सुमन, माधुरी, शुभम, अजय तिवारी व दो अज्ञात पर धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था।
एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने जांच के लिए एसआईटी बनाई थी। जिसके बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तीन आरोपितों माधुरी, अजय और शिवबदन को गिरफ्तार कर लिया। अन्य फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी के अलावा इंस्पेक्टर चौरीचौरा राजू सिंह, सोनबरसा चौकी इंचार्ज विशाल शुक्ला, एसआई धीरेंद्र राय सहित नौ पुलिसकर्मी शामिल रहे।