मंगलवार को रास्ते को स्थायी रूप से बंद करने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अफसर पहुंच गए। सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव की मौजूदगी में जैसे ही काम शुरू कराया गया, लोग विरोध में उतर आए। करीब चार घंटे की वार्तालाप के बाद डीएम से भी वार्ता कराई गई और कोरोना हॉटस्पॉट बताते हुए रास्ते को बंद करने की बात कही।
इस पर ग्रामीण पहले से बांस लगने का हवाला देते हुए विरोध पर डटे रहे। गांव की ओर जैसे ही पुलिस समझाने को बढ़ी लोग उग्र हो गए और पत्थर फेंकने लगे। पुलिस ने भी बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़ा और फिर काम पूरा कराया गया।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि विरोध के बीच ही पिछले रास्ते को बंद करने के बाद एहतियातन पुलिस पिकेट लगा दी गई है। एक दरोगा और दो सिपाही की 24 घंटे की ड्यूटी तय की गई है। पिकेट के पास ही सीसी टीवी कैमरा लगाने का भी आदेश दिया गया है।
कैंपस में स्थित डॉक्टरों के सरकारी आवास में कई बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। डॉक्टर इसे लेकर बार-बार इस गेट को बंद करने की मांग करते थे। उनका यही कहना था कि इस गेट की वजह से ही सुरक्षा में चूक के कारण चोरी की घटनाएं होती हैं।
1989 में महंत अवेद्यनाथ ने किया था सड़क का उद्घाटन
बीआरडी के बीच से गुजरने वाली जिस सड़क पर विवाद हो रहा है। वह 1989 में बनी थी। इसी रास्ते का उद्घाटन पूर्व सांसद महंत अवेद्यनाथ ने किया था। उस वक्त उन्होंने इसका नाम मद्य निषेध मार्ग दिया था। यह रास्ता बीआरडी कॉलेज प्रशासन के लिए मुसीबत बन गया है।
बीआरडी के पीछे बसे एक दर्जन गांव वालों के यह मुख्य मार्ग है। कैंपस में होने वाली चोरियों में भी इसी सड़क का उपयोग होता है। पूर्व प्राचार्य डॉ. केपी कुशवाहा और डॉ. राजीव मिश्रा के कार्यकाल के दौरान डॉक्टरों के आवास में कई बार चोरियां भी हो चुकी है। इसके बाद से ही इस सड़क को बंद करने का प्रयास चल रहा है।
हॉट-स्पॉट बनी बंद कराने की वजह
बीआरडी मेडिकल कॉलेज कैंपस में कोरोना के मरीज भर्ती हैं। इनमें सात मरीजों का इलाज चल भी चल रहा है। इसकी वजह से इसे हॉट-स्पॉट एरिया भी घोषित किया गया है। इसी आड़ में बीआरडी प्रशासन इस रास्ते को बंद कराने की तैयारी में जुटा हुआ है। बीआरडी प्राचार्य ने प्रशासन से संक्रमण फैलने की बात कह चुके है। इसके बाद प्रशासन ने तेजी दिखाई है।
सड़क बंद करने के बाद पुलिस मुस्तैद हो चुकी है। नवनिर्मित दीवार की सुरक्षा के लिए एक अस्थायी चौकी बना दी गई है। इस चौकी पर एक दरोगा व दो पुलिसकर्मी 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट ने एक क्लोज सर्किट कैमरा व दो बल्ब लगाने के निर्देश दिए है।
गोरखनाथ मंदिर पहुंचे ग्रामीण
मंगलवार को सड़क बंद होने के बाद ग्रामीण गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। ग्रामीणों के साथ गांव के कई गणमान्य नागरिक भी थे, जिन्होंने मंदिर में द्वारिका तिवारी से वार्ता की। उन्होंने काम रूकवाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद ग्रामीण वहां से लौट आए।.