फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: तस्करों से पुलिस ने 15 बच्चों को मुक्त कराया, तीन गिरफ्तार

Sat, 13 Mar 2021 11:26 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

  • बस से इन बच्चों को बिहार से लेकर जा रहे थे दिल्ली
  • एएचटी थाने की पुलिस ने की कार्रवाई

 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर में मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे 15 बच्चों को एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) थाने की पुलिस ने गीडा से मुक्त कराया है। पुलिस ने तीन तस्करों को भी गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान बिहार के मोहम्मद सायक आलम, दीपक ऋषि, विक्रम मंडल के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ एएचटी थाने में प्रभारी अजीत प्रताप सिंह की तहरीर पर मानव तस्करी व बालश्रम व किशोर न्याय अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

विज्ञापन


एसपी क्राइम डॉ. महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि एएचटी थाने के प्रभारी अजीत प्रताप सिंह को बृहस्पतिवार की रात करीब 12.30 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि बाल श्रम कराने के लिए तस्कर कुछ बच्चों को बस से दिल्ली लेकर जा रहे हैं। उक्त सूचना पर एएचटी टीम गीडा थाने के तेनुआ टोल प्लाजा पर पहुंची।

इस दौरान एक बस आती हुई दिखी। पुलिस ने रोककर तलाशी ली तो उसमें 15 बच्चे मिले, जिसके बाद उन्हें मुक्त कराया गया। पुलिस ने तीनों तस्कर बिहार के पूर्णिया जिले के परसराई निवासी मोहम्मद सायक आलम, सरसौनी निवासी दीपक ऋषि व कटिहार के रतन टोला निवासी विक्रम मंडल को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन


पूछताछ में तीनों ने बताया कि बच्चों को मजदूरी कराने के लिए दिल्ली लेकर जा रहे थे। इन बच्चों को वे लोग दिल्ली के दुकानदारों को कमीशन तयकर बेच देते हैं। वहीं बच्चों को उनके काम के हिसाब से आठ घंटे के ढाई सौ से तीन सौ रुपये दिए जाते हैं।

कार्रवाई के दौरान एएचटी टीम के साथ बाल संरक्षण अधिकारी सुमन शुक्ला, सिटी चाइल्ड लाइन के समन्वयक सत्यप्रकाश पांडेय भी मौजूद रहे। इससे पहले भी एएचटी टीम ने खोराबार के जगदीशपुर से बस से 19 बच्चों को मुक्त कराकर 9 तस्करों को गिरफ्तार किया था।

वहीं जलपाई गुड़ी ट्रेन से ले जाए जा रहे 7 बच्चों को मुक्त कराकर दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। सभी बच्चे बिहार के ही थे और उन्हें दिल्ली ले जाया जा रहा था।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें