मंगलवार की सुबह उनकी बाघागाड़ा बंधे के किनारे अर्धनग्न हालत में लाश मिली। शव के पास में उनका पैंट पड़ा था। पैंट की जेब में पचास रुपये के सिक्के व गोरखपुर से मुंबई जाने रिर्जवेशन का छह जून का टिकट पुलिस को मिला था। जो चार जून को कैंसिल कराया गया था। टिकट के आधार पर उनकी पहचान हो सकी।
पुलिस ने कपड़ा व्यापारी की पत्नी की तहरीर पर भाई विजय सिंह, त्रिलोकी सिंह, संजय सिंह, राजेंद्र सिंह, बहन राधा और गीता व विजय के पुत्र अभिषेक सिंह, पत्नी विद्यावती के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छिपाने, आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। राजकुमार के बड़े भाई फरार हैं। पुलिस बड़े भाई की पत्नी से पूछताछ कर रही है।
इस संबंध में सीओ कैंपियरगंज ने बताया कि प्रापर्टी विवाद में हत्या की बात सामने आ रही है। नामजद रिपोर्ट दर्ज हुई है। बड़े भाई घर से भागे हुए हैं, उनकी पत्नी से पूछताछ की जा रही है।
राजकुमार का मुंबई जाना तय था। पर इस बीच बंदूक के लाइसेंस नवीनीकरण का भी आवेदन दिया था। चार जून को राजघाट थाने से उनके पास फोन आया था। नवीनीकरण कराने के बाद जाने की तैयारी के क्रम में उन्होंने चार जून को टिकट कैंसिल करा दिया था।
राजकुमार की ससुराल सर्वोदय नगर बगहा बाबा के पास है। मुंबई से आने के बाद पत्नी ज्यादातर ससुराल में ही रहीं। राजकुमार भी ससुराल में ही रहते थे पर छह जून की सुबह वह नार्मल स्थित घर के लिए अपने साले बलराम की स्कूटी लेकर निकले थे। पत्नी को बताया कि अब मैं वहीं रहूंगा।
आठ जून की दोपहर में उनकी पत्नी से बात हुई थी। शाम तक आने के लिए कहा था। देर शाम तक जब वे नहीं आए तब पत्नी व अन्य ससुरालवालों ने उन्हें फोन मिलाना शुरू किया लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। उनके हाथ में पुलिस को उंगली में अंगूठी मिली। रिजर्वेशन टिकट के आधार पर छानबीन के बाद पुलिस उनके घर तक पहुंच गई।
रिजर्वेशन टिकट पर राजकुमार, उनकी पत्नी ममता और बेटी जान्ह्वी का नाम लिखा था। राजकुमार तीन बच्चों के पिता थे। उनका बड़ा बेटा ओम सिंह है जबकि बेटी जान्ह्वी सिंह और वैष्णवी सिंह है। वह छह भाइयों अजय सिंह, विजय सिंह, त्रिलोकी सिंह, संजय सिंह, बबलू सिंह के बीच चौथे नंबर के थे। बड़े भाई अजय सिंह का देहांत हो चुका है।
बड़े भाई की कोई संतान नहीं थी। उन्होंने अपने हिस्से की संपति दो भाइयों राजकुमार और त्रिलोकी सिंह को दे दिया था। वहीं भाई विजय सिंह का परिवार गोरखपुर में रहता है। अन्य भाई परिवार के साथ मुंबई में रहते हैं। भाइयों के बीच मुंबई और गोरखपुर से जुड़ी प्रापर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। इनकी मुंबई में भी अच्छी-खासी प्रापर्टी है, यहां भी प्रापर्टी के अलावा एक राईस मिल है।