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मुंबई के व्यापारी की संपत्ति विवाद में हुई हत्या, भाई- बहन समेत आठ नामजद

Wed, 10 Jun 2020 02:48 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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घटनास्थल पर पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला।
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संपत्ति विवाद में मुंबई के कपड़ा व्यापारी राजकुमार सिंह (53) की हत्या कर दी गई। राजकुमार का शव गोरखपुर जिले के गीडा इलाके के बाघागाड़ा स्थित एकला बंधे के किनारे मंगलवार की सुबह आठ बजे मिला।

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राजकुमार का राजघाट इलाके के नार्मल के पास मकान भी है। शरीर पर गंभीर चोट के निशान नहीं हैं इस वजह से आशंका जताई जा रही है कि जहर का इस्तेमाल कर हत्या की गई होगी। कपड़ा व्यापारी की पत्नी ने राजकुमार के चार भाई, दो बहनों और भतीजे व उसकी पत्नी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
 
जानकारी के अनुसार मूल रूप से देवरिया के भलुअनी निवासी राजकुमार सिंह छह भाइयों में चौथे नंबर के थे। पिता वृद्धिचंद सिंह की घंटाघर में घड़ी की दुकान थी। पिता के देहांत के बाद दुकान बंद हो गई। जिसके बाद से वह नार्मल स्थित मकान में ही रहने लगे।
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बड़े भाई विजय सिंह से राजकुमार का संपति विवाद है। इसके चलते राजकुमार का परिवार घर पर कम ही रहता था। वह वर्ष 2017 में मुंबई चले गए अन्य भाइयों के साथ वहां कपड़ा का व्यापार करने लगे। उनकी बेटी जान्हवी गोरखपुर से ही इंटर कर रही है, उसकी परीक्षा दिलाने के लिए वह पत्नी के साथ 15 फरवरी को गोरखपुर आए थे। उसके बाद लॉकडाउन में फंस गए थे।

मंगलवार की सुबह उनकी बाघागाड़ा बंधे के किनारे अर्धनग्न हालत में लाश मिली। शव के पास में उनका पैंट पड़ा था। पैंट की जेब में पचास रुपये के सिक्के व गोरखपुर से मुंबई जाने रिर्जवेशन का छह जून का टिकट पुलिस को मिला था। जो चार जून को कैंसिल कराया गया था। टिकट के आधार पर उनकी पहचान हो सकी।

पुलिस ने कपड़ा व्यापारी की पत्नी की तहरीर पर भाई विजय सिंह, त्रिलोकी सिंह, संजय सिंह, राजेंद्र सिंह, बहन राधा और गीता व विजय के पुत्र अभिषेक सिंह, पत्नी विद्यावती के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छिपाने, आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। राजकुमार के बड़े भाई फरार हैं। पुलिस बड़े भाई की पत्नी से पूछताछ कर रही है।
 
इस संबंध में सीओ कैंपियरगंज ने बताया कि प्रापर्टी विवाद में हत्या की बात सामने आ रही है। नामजद रिपोर्ट दर्ज हुई है। बड़े भाई घर से भागे हुए हैं, उनकी पत्नी से पूछताछ की जा रही है।

मुंबई जाना तय था, लाइसेंस नवीनीकरण को रुके

राजकुमार का मुंबई जाना तय था। पर इस बीच बंदूक के लाइसेंस नवीनीकरण का भी आवेदन दिया था। चार जून को राजघाट थाने से उनके पास फोन आया था। नवीनीकरण कराने के बाद जाने की तैयारी के क्रम में उन्होंने चार जून को टिकट कैंसिल करा दिया था।

राजकुमार की ससुराल सर्वोदय नगर बगहा बाबा के पास है। मुंबई से आने के बाद पत्नी ज्यादातर ससुराल में ही रहीं। राजकुमार भी ससुराल में ही रहते थे पर छह जून की सुबह वह नार्मल स्थित घर के लिए अपने साले बलराम की स्कूटी लेकर निकले थे। पत्नी को बताया कि अब मैं वहीं रहूंगा।

आठ जून की दोपहर में उनकी पत्नी से बात हुई थी। शाम तक आने के लिए कहा था। देर शाम तक जब वे नहीं आए तब पत्नी व अन्य ससुरालवालों ने उन्हें फोन मिलाना शुरू किया लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। उनके हाथ में पुलिस को उंगली में अंगूठी मिली। रिजर्वेशन टिकट के आधार पर छानबीन के बाद पुलिस उनके घर तक पहुंच गई।
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रिजर्वेशन टिकट पर राजकुमार, उनकी पत्नी ममता और बेटी जान्ह्वी का नाम लिखा था। राजकुमार तीन बच्चों के पिता थे। उनका बड़ा बेटा ओम सिंह है जबकि बेटी जान्ह्वी सिंह और वैष्णवी सिंह है। वह छह भाइयों अजय सिंह, विजय सिंह, त्रिलोकी सिंह, संजय सिंह, बबलू सिंह के बीच चौथे नंबर के थे। बड़े भाई अजय सिंह का देहांत हो चुका है।

बड़े भाई की कोई संतान नहीं थी। उन्होंने अपने हिस्से की संपति दो भाइयों राजकुमार और त्रिलोकी सिंह को दे दिया था। वहीं भाई विजय सिंह का परिवार गोरखपुर में रहता है। अन्य भाई परिवार के साथ मुंबई में रहते हैं। भाइयों के बीच मुंबई और गोरखपुर से जुड़ी प्रापर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। इनकी मुंबई में भी अच्छी-खासी प्रापर्टी है, यहां भी प्रापर्टी के अलावा एक राईस मिल है।
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