मंगलवार की रात करीब बारह बजे के बाद बदमाशों ने धावा बोला था। मजदूरों ने बताया कि बदमाश आते ही बाहर सोए दो मजदूरों को मारने लगे। उनकी आवाज सुनकर हम लोग बाहर आए और जैसे ही वजह पूछी तो बदमाशों ने तमंचे निकाल लिए। फिर सभी को एक कमरे में जाने को बोला, न जाने पर जान से मारने की धमकी भी दी। डर की वजह से सभी एक कमरे में चले गए।
बदमाश भोजपुरी में ही बातचीत कर रहे थे, जिस तरह से वे आए थे, इससे यही लग रहा है कि वे यहां के रास्तों को ठीक से जानते थे या उनमें से कोई एक जरूर स्थानीय था। महिला मजदूरों ने बताया कि सभी मजदूर एक महीने पहले ही यहां आए हैं, इस वजह से किसी को पहचानते नहीं है, नकाब होने की वजह से किसी पहचानना और भी मुश्किल था।
आसान नहीं भट्ठे तक पहुंचने की राह
गगहा इलाके के जिस ईंट भट्ठे पर वारदात हुई है वहां पर किसी बाहरी का पहुंच पाना आसान नहीं है। अगर वाकई में किसी जरायमपेशा गिरोह ने वारदात अंजाम दी है तो किसी स्थानीय व्यक्ति ने उन्हें वहां की जानकारी जरूर दी है। मजदूरों ने बताया कि बदमाश पैदल ही आए थे और उनके पैर कीचड़ से सने थे, यानी वे खेत के रास्ते ही आए थे। खेत के रास्ते उस भट्ठे तक पहुंच पाना बिना किसी परिचित के संभव नहीं है।
खेत के रास्ते से आए थे मुंह बांधे बदमाश
मजदूरों ने बताया कि तीन चार लोगों को छोड़कर सभी बदमाश मुंह बांधे हुए थे। सभी के पैरों में कीचड़ लगा हुआ था, जिससे यह साफ है कि वे खेतों के रास्ते से आए थे। गाड़ी उनके पास नहीं थी।
जाते समय बदमाशों ने मजदूरों से कहा था कि अगर बाहर निकला या हल्ला मचाया तो गोली मार देंगे। एक घंटे तक अंदर ही रहना। मजदूर इतने डर गए थे कि वे घर से बाहर नहीं निकले और भोर में करीब चार बजे भट्ठा मालिक को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। हरकत में आई पुलिस ने इसके बाद ही जांच पड़ताल शुरू की।
साबुन, तेल, बच्चों के कपड़े तक समेट ले गए बदमाश
झारखंड से एक महीने पहले मजदूरी करने आए मजदूर और उनके परिवार के पास जो कुछ था, बदमाश सब समेट ले गए। अपने आप में यह हैरान करने वाली घटना है, जहां पर बदमाश डाका डालने के दौरान साबुन, तेल और बच्चों के कपड़े तक उठा ले गए हैं। यहां तक कि इस्तेमाल किए हुए साबुन को भी जाते समय ले जाना बदमाश नहीं भूले। सहमे मजदूरों ने बताया कि बदमाशों ने ईंट भट्ठे के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की थी और कागजात फेंक दिए थे।
सहमे व दबाव में हैं परिजन
डकैती व किशोरियों से हैवानियत का दंश झेलने वाले मजदूर अब भी सहमे हुए हैं। दबाव में भी दिख रहे हैं। सब डकैती की पूरी कहानी बता रहे हैं लेकिन किशोरियों के साथ हैवानियत की बात खुलकर बताने से डर रहे हैं। यही नहीं, तहरीर देकर एफआईआर कराने वाले भट्ठा मालिक रामकृपाल मिश्र के सुर भी गुरुवार को बदले दिखे। तहरीर में किशोरियों से हैवानियत की बात कहने वाले भट्ठा मालिक शुक्रवार को वीडियो रिकार्डिंग में कहते मिले कि बदमाशों ने किशोरियों के मुंह में बंदूक डाल दी थी। इससे दबाव का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
डकैती और किशोरियों से हैवानियत से जुड़ी अमर उजाला की खबर से ‘छोटी राजधानी’ से बड़ी राजधानी यानी लखनऊ तक हड़कंप मच गया। आला अफसर सक्रिय हुए और पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने कहा कि पुलिस तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। जिन भी धाराओं में केस दर्ज किया गया है, उसी के तहत कार्रवाई की जाएगी। लड़कियों का मेडिकल भी कराया गया है। घुमंतू जाति के लोगों पर संदेह है, जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
ईंट भट्ठों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने की पहल करेगी पुलिस
गोरखपुर पुलिस ईंट भट्ठों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए पहल करेगी। ईंट भट्ठा मालिकों के साथ बैठक कर पुलिस उनको प्रेरित करेगी। साथ ही वहां पर रात में रौशनी का इंतजाम हो इस पर बातचीत कर व्यवस्था बनाई जाएगी। सभी थानेदार अपने इलाके में इस काम को कराएंगे।