एक डॉक्टर का हाथ तो दूसरा उनकी गर्दन पकड़ कर ले जाने लगा। अचानक हुई इस हरकत से डॉक्टर सकते में आ गए। इस बीच दोनों बदमाश उन्हें लेकर फॉर्च्यूनर कार के पास पहुंचे। कार में बैठे युवक ने पूछा - तुम्ही डॉक्टर हो, इस पर उन्होंने सूझबूझ से काम लेते हुए बताया कि वह डॉक्टर नहीं, मरीज हैं, डॉक्टर को दिखाने आए हैं। इस बीच अस्पताल पर तैनात गार्ड की नजर उन पर पड़ गई। वह शोर मचाते हुए उनकी तरफ दौड़ा।
इस पर आरोपित डॉक्टर को छोड़कर फरार हो गए। अस्पताल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में बदमाशों की यह हरकत कैद हो गई। उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस के उच्च अधिकारियों के साथ कैंट पुलिस को दी। बुधवार को डॉक्टर ने कैंट थाने पहुंच कर घटना की तहरीर और सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपी। बाद में उन्होंने पुलिस को किसी कार्रवाई से मना कर दिया था। देर रात उन्होंने फिर तहरीर दी।
पीडब्ल्यूडी ठेकेदार के बेटे की है लग्जरी कार
सीसीटीवी कैमरे में कैद लग्जरी कार पीडब्ल्यूडी के एक ठेकेदार के बेटे के नाम पंजीकृत है। पहले भी उसपर एक मामले में गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज है। इस बीच गार्ड ने भी एक युवक को पहचान लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है।
माफिया के गिरोह से जुड़े होने की आशंका
चार लग्जरी कारों से पहुंचे बदमाशों के शहर के एक माफिया गिरोह से जुड़े होने की आशंका है। वह उस माफिया के लिए ही काम करते हैं। उस माफिया के दहशत का ही परिणाम है कि डॉक्टर ने घटना के बाद पहले तो मामले को दबाए रखा। बुधवार को सोच-विचार कर वह तहरीर लेकर कैंट थाने पहुंचे लेकिन बाद में उन्होंने पुलिस को कार्रवाई करने से मना कर दिया।
वहीं, सीओ कैंट सुमित शुक्ला का कहना है कि डॉक्टर ने तहरीर दी थी। बाद में वह कन्फ्यूजन में तहरीर देने की बात कहने लगे। उनके पीछे हटने के बाद भी मामले की जांच की जा रही है। डॉक्टर से दुर्व्यवहार करने वालों की पहचान की जा रही है।
सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने कहा कि डॉक्टर ने सुबह अपहरण की कोशिश की सूचना दी फिर कन्फ्यूजन में जानकारी देने की बात कहते हुए तहरीर वापस ले ली थी। पुलिस तब तक सीसीटीवी कैमरे के आधार पर जांच में जुटी थी। देर रात तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपित पकड़ लिए जाएंगे। आरोपित डॉक्टर के करीबी ही हैं।
- 28 जून 2017 को शाही ग्लोबल हॉस्पिटल के डॉक्टर एसएस शाही को चिठ्ठी लिख कर 20 लाख की रंगदारी मांगी गयी थी। रुपये मांगने वाले ने खुद को देवरिया जेल में बंद 50 हजार का इनामी रामाश्रय यादव बताया था।
- जुलाई 2017 में मोहद्दीपुर के टाइम नियर अस्पताल के डॉक्टर शशिकांत दीक्षित से चिट्ठी भेजकर बदायूं जेल में बंद चन्दन सिंह के नाम पर पांच लाख की रंगदारी मांगी गयी थी।
- 23 नवंबर 2019 को गगहा के गजपुर में नर्सिंग होम संचालक डॉ प्रभुनाथ के बेटे डॉक्टर विकल्प सोनकर से चंदन यादव नामक युवक ने अस्पताल में जाकर चार लाख की रंगदारी मांगी थी। आरोपित 16 फरवरी 2020 को पकड़ा गया।
- 27 अक्तूबर 2018 को बीआरडी मेडिकल कालेज के डॉक्टर सुनील आर्य की पत्नी साईं निरोग धाम की डॉक्टर रंजना आर्य से फोन कर दाऊद इब्राहिम की फोटो भेज 10 लाख की रंगदारी मांगी गयी थी। जिसमें तत्कालीन सीओ प्रभात राय और कैंट पुलिस ने महराजगंज के मदरसा शिक्षक शमीम अहमद को गिरफ्तार किया था। फिल्म देखकर मांगी थी रंगदारी।
एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने कहा कि सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है। एक आरोपी गार्ड का भतीजा है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।