छात्रा के परिजनों ने बताया कि मदरसे में पढ़ने वाली छह वर्षीय छात्रा के साथ एक मौलवी द्वारा छेड़छाड़ के मामले में मदरसा के जिम्मेदारों द्वारा आरोपी मौलवी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने का आश्वासन देकर मामले को शांत करा दिया। उसके बाद उन्होंने आरोपी से उसके करतूत की कीमत मांगने लगे।
मदरसा के जिम्मेदार 6 फरवरी को उनके घर आकर सादे कागज पर अंगूठा लगवा लिया और बताया कि मामले को सुलझाने के लिए छात्रा के मामा को चालीस हजार रुपए दिए गए हैं। 10 फरवरी को यह जानकारी पीड़ित छात्रा के मामा को हुई। उसके बाद उन्होंने मदरसा पहुंचकर पूछताछ की तो पता चला कि मदरसा के जिम्मेदार आरोपी मौलवी से रकम की मांग कर रहे थे।
मदरसा के प्रबंधक ने बताया कि मदरसा के गेट निर्माण के लिए मौलवी से दो बार चंदा स्वरूप रकम ली गई थी, जिसकी रसीद भी उनको दी गई है। छात्रा के मामले को शांत कराने को लेकर रिश्वत की बोली लगाने का आरोप निराधार है।