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डीआईजी और डिप्टी कमिश्नर बनकर धन उगाही करता था शख्स, ऐसे हुई गिरफ्तारी

Tue, 16 Jun 2020 06:27 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • खुद को बिहार का डीआईजी बताता था तो कभी लखनऊ जनता दरबार में तैनात डिप्टी कमिश्नर
  • एसएसपी, दरोगा को फोन कर अदब में लेने की कोशिश किया था आरोपित, दरोगा से वसूले थे 3500 रुपये
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। खुद को डीआईजी और डिप्टी कमिश्नर बताकर धन उगाही करने के आरोपित राहुल पांडेय को बड़हलगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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उसे खिलाफ बड़हलगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपित एसएसपी को फोन कर दरोगा के स्थानांतरण करने और फिर दरोगा को फोन कर प्रमोशन, मनचाही पोस्टिंग के नाम पर वसूली भी कर ली थी।

दरोगा ने उसके कहने पर 3500 रुपये भी दे दिए। लेकिन एसएसपी को फोन करने के बाद मामला बिगड़ा और जांच शुरू हुई तो आरोपित जालसाज निकला। आरोपित की पहचान बड़हलगंज इलाके के महादेवा मोहल्ला निवासी राहुल कुमार पांडेय पुत्र शिव विहारी पांडेय के रूप में हुई है।
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सीओ गोला श्यामदेव ने बड़हलगंज थाने में प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि आरोपित अफसरों को भी फोन कर डीआईजी और कभी कमिश्नर बताकर धन उगाही की थी। बड़हलगंज के महादेवा मोहल्ला निवासी राहुल अलग-अलग नंबरों का इस्तेमाल करता था।
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कोरोना के नाम पर वसूल लिए पंद्रह हजार रुपये

जब उसे खुद को डीआईजी बताना होता था तो एक अलग नंबर का इस्तेमाल करता था और जब डिप्टी कमिश्नर बताना होता था तो दूसरे नंबर का इस्तेमाल करता था। फोन करने के बाद वह स्थानांतरण और अन्य बातें भी किया करता था।

पुलिस की जांच में पता चला है कि कोरोना महामारी के दौरान फेसबुक पर मदद के नाम पर उसने इलाके के कई लोगों से इलाहाबाद बैंक एकाउंट में अपने रुपये मांगाए थे। करीब पंद्रह हजार रुपये उसने इस तरह से एकत्र कर लिए थे।
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