कोतवाली इलाके के नखास स्थित घर में दवा कारोबारी सईद की तीन गोली लगने से मौत की गुत्थी सुलझाने की जगह कोतवाली पुलिस समय गवां रही है। ऐसे में खतरा है कि वह साक्ष्यों से ही न हाथ धो बैठे। जांच की जगह पुलिस सईद की मौत को आत्महत्या साबित करने में पूरा दिन गुजार दे रही है। जबकि घटना के समय घर में मौजूद हर एक शख्स संदेह के घेरे में होना चाहिए।
संभव है कि पुलिस का ढीला रवैया आरोपित को बच निकलने का मौका दे दे। साथ ही घर के सदस्यों और आसपास के लोगों का ब्रेन वॉश कर उन्हें उस वक्त की कहानी पर अडिग कर दिया जाए जो पुलिस की पहली पूछताछ में सामने आई थी। हालांकि अफसरों का यही कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्य से सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा।
यह भी तो हो सकता है
जानकारी के मुताबिक, जिस वक्त दवा कारोबारी की मौत हुई थी, उस समय घर में बेटा अनस, उसका पूरा परिवार, दवा कारोबारी के भाई भी मौजूद थे। दो नौकर भी थे, जिनकी उम्र इतनी नहीं है कि पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर सके। अब ऐसे में सीधा सी बात है कि पुलिस उन घरवालों से अलग-अलग पूछताछ कर कहानी की कड़ी को जोड़कर जांच को पूरी करे।
मगर पुलिस ने अबतक इस दिशा में काम शुरू नहीं किया है। जब भी डीआईजी, एसएसपी और एसपी सिटी सख्ती करते हैं तो पुलिस थोड़ी सक्रिय होती है और बेटे, दोस्तों से पूछताछ करने के बाद फिर कारोबारी की आत्महत्या वाली कहानी पर लौट आती है। अफसर को भी हर संभव यह समझाने की कोशिश जारी है कि सईद ने खुदकुशी की।
गोली चलने पर बारूद के कण चलाने वाले के हाथ पर आ जाते हैं। सईद ने गोली चलाई थी या नहीं इसकी जांच के लिए ही पुलिस उनके हैंड वॉश रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। अगर इस रिपोर्ट में बारूद की उपस्थिति मिलेगी तो पुलिस घटना को खुदकुशी साबित करने की कोशिश करेगी। लेकिन कोई खुद को तीन गोली मार ले यह संभव नहीं है। हो सकता है कि सईद को गोली मारने के बाद आत्महत्या साबित करने के लिए किसी ने उनके हाथ में बंदूक पकड़ाकर फायर किया हो।
हार्ट, लीवर सब पंचर फिर कैसे मारी सिर में गोली?
अगर पुलिस की ही सुनें तो वह दो अनुमान लगा रही है। पहला कि सीने में दो गोली मारने के बाद सईद ने कनपटी पर गोली मारी थी। ऐसे में यह यह समझ से परे है कि जिस शख्स ने अपने सीने पर दो गोली मारी जिससे उसका हार्ट और लीवर पंचर हो गया, क्या उसमें इतनी ताकत बचेगी कि वह तीसरी गोली अपनी कनपटी पर मारे।
इसके बाद चौथा फायर करने का भी प्रयास किया गया। यह गोली बंदूक की नली में फंसी मिली। दूसरा अनुमान है कि कनपटी पर गोली मारने के बाद सईद ने सीने पर गोली मारी। यह भी संभव नहीं दिखता। डॉक्टर खुद कहते है कि कनपटी पर गोली लगने के बाद ब्रेन डेड हो जाता है और उसके बाद इंसान कुछ नहीं कर सकता। फिर दो गोली सीने पर मारना और चौथी चलाने की कोशिश करना असंभव है।
हैंड वॉश रिपोर्ट अभी नहीं आई है। पुलिस इस मामले में हर बिंदु पर जांच पड़ताल कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
- डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी