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संतकबीरनगर: डॉक्टर बनने का सपना रह गया अधूरा, इस एक वजह से छात्र ने दे दी जान

Sat, 11 Apr 2020 03:51 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, संतकबीरनगर।
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सांकेतिक तस्वीर।
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उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक इंटरमीडिएट के छात्र ने फेल होने की डर से शुक्रवार की शाम को कमरे में छत की कुंडी से गमछे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

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गेहूं की कटाई करके घर लौटे मां-बाप ने कमरा बंद होने पर पहले तो खोलने की गुहार लगाई, जब नहीं खुला तो 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने देर शाम फाटक तोड़कर शव को नीचे उतरवाया और कब्जे में ले लिया। शनिवार को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

उरदहवा गांव निवासी हूबलाल मौर्या ने बताया कि उसके पास तीन बेटे क्रमशः अनुपम (18), आलोक (16) और ओमकार (14) है। बड़े बेटे अनुपम ने इस साल इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी।
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डॉक्टर बनने का था सपना

बड़ा बेटा कई दिनों से अंग्रेजी का पेपर खराब होने का जिक्र करके फेल होने की आशंका जता रहा था। बार-बार यहीं कह रहा था कि यदि फेल हो गया तो उसका एक साल बर्बाद हो जाएगा। परिवार के लोग बेटे को बार-बार समझाते थे। वह बड़ा होकर डॉक्टर बनने का उसका ख्वाब देख रहा था।

औद्योगिक चौकी पर तैनात एसआई धर्मेद्र कुमार ने बताया कि कमरा बंद करके इंटरमीडिएट के छात्र अनुपम मौर्या ने आत्महत्या कर ली है। पीड़ित परिजनों ने यहीं बताया कि फेल होने की डर की वजह से छात्र ने ऐसा आत्मघाती कदम उठा लिया। शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
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