गोरखपुर के चिलुआताल इलाके के मोहरपुरी में सुधा (16) की हत्या उसकी बड़ी बहन संध्या ने रिश्ते में भाई लगने वाले एक किशोर के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने शुक्रवार को दोनों को दबोच लिया।
उन्होंने जो कुबूल किया उनके मुताबिक सुधा को दोनों के रिश्तों की जानकारी हो गई थी। वह ये राज किसी और को न बता दें, इसलिए आरोपितों ने सुधा की हत्याकर उसे आत्महत्या का रंग देने की कोशिश की, मगर पुलिस ने उनका खेल बिगाड़ दिया।
जानकारी के मुताबिक संध्या का अपने से उम्र में कम एक किशोर से प्रेम संबंध हो गया था। रिश्ते में बहन-भाई लगने के बावजूद तीन साल से दोनों का प्रेम प्रसंग चल रहा था। सुधा ने एक दिन संध्या को उसके साथ आपत्तिजनक हालत में देख भी लिया था। इस पर उसने आपत्ति जताई।
उस वक्त दोनों ने उसे किसी तरह से समझा-बुझाकर शांत कराया। मगर, वे दोनों साजिश का ताना-बाना बुनने लगे कि सुधा को कैसे रास्ते से हटाया जाए, जिससे उनके प्रेम प्रसंग में वह बाधा न बन सके। दोनों ने साजिश रची और चार अप्रैल की रात साथ में खाना खाया और देर रात सोते समय सुधा की गला दबाकर हत्या कर दी।
कारनामा छिपाने के लिए रची साजिश
हत्या को आत्महत्या साबित करने के लिए संध्या ने पुलिस को बयान दिया कि सुधा ने फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। पुलिस मौके पर पहुंची तो लाश जमीन पर पड़ी थी। पुलिस ने सवाल-जवाब किया तो मौके पर अकेले मौजूद संध्या ने बताया कि उसे बचाने के लिए नीचे उतार लिया था।
चूंकि वह घर में अकेली थी, इसलिए उसका यह तर्क पुलिस के गले नहीं उतरा। उसके तौर-तरीके भी संदिग्ध नजर आ रहे थे। उसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हो गया कि सुधा को गला घोंटकर मारा गया था।
ट्रेनी आईपीएस व थानेदार विकास कुमार के मुताबिक, पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। संध्या पर शक था ही, उससे सख्ती से पूछताछ की गई। साक्ष्यों और पुलिस के सवालों की बौछार पड़ते ही वह टूट गई। उसने कत्ल की साजिश का सारा सच पुलिस के सामने उगल दिया।