बाएं पीएम मोदी, दाएं शरद चंद्र अग्रहरी। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
सोना और चांदी की तस्करी के संदेह में शनिवार को डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) की टीम ने शहर के बड़े बुलियन कारोबारी और सर्राफा मंडल गोरखपुर के पूर्व अध्यक्ष शरद चंद्र अग्रहरी के अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारा। लखनऊ से आई टीम ने तीन घंटे की छानबीन के बाद 200 किलोग्राम चांदी और सात किलो सोना जब्त की है। इस मामले में डीआरआई ने पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं इस मामले में गिरफ्तार एक शख्स ने नोटबंदी के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दिया था।
बता दें कि गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर ही डीआरआई ने भारत-नेपाल बार्डर से सात किलोग्राम सोना जब्त किया है। सोना और चांदी की कीमत चार करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई है। गिरफ्तार आरोपितों ने जब्त सोना बुलियन कारोबारी शरद चंद्र अग्रहरी का का बताया लेकिन कारोबारी ने इससे इनकार किया है। अब डीआरआई के अफसर अब मामले की छानबीन में जुटे हैं। अफसर पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि सोना किसका है और किसके पास जा रहा था।
डीआरआई ने भारत-नेपाल सीमा से सात किलोग्राम सोना और गोरखपुर से 200 किलोग्राम चांदी जब्त किए हैं। इसकी कीमत चार करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। चांदी गोरखपुर के बजरंग बुलियन की बताई गई। यह दुकान सर्राफा मंडल के पूर्व अध्यक्ष शरद चंद्र अग्रहरी की है। वित्तीय एजेंसी ने इस मामले में पांच आरोपितों सुभाष चंद्र तिवारी, संजय तिवारी, विष्णु गुप्ता, विजय कुमार मौर्य और संदीप शुक्ला को गिरफ्तार किया है। डीआरआई के अफसरों का कहना है कि मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है।
गिरोह से जो भी जुड़े हैं, उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। जानकारी के मुताबिक डीआरआई को भारत-नेपाल बार्डर पर सोने की तस्करी की सूचना मिली थी। इसी आधार पर अफसरों की टीम ने भारत-नेपाल बार्डर पर डेरा डाल दिया। नेपाल की तरफ से आने वाले एक वाहन को रोकने का प्रयास किया गया लेकिन वाहन चालक रुका नहीं। तेज गति से वाहन को चलाते हुए भागने की कोशिश करने लगा। डीआरआई की टीम ने पीछा किया और चालक को धर दबोचा। बाद में वाहन की तलाशी ली गई तो सात किलोग्राम सोना बरामद हुआ।
पीएम मोदी को चुनौती दी थी
इसकी कीमत 3.17 करोड़ रुपये बताई गई है। डीआरआई के अफसरों के मुताबिक सोना जब्त कर लिया गया है। सोना पकड़ने के बाद ही डीआरआई के अफसरों को पता चला कि 200 किलोग्राम चांदी गोरखपुर के बजरंग बुलियन को दी गई है। इसी सूचना के आधार पर ही डीआरआई की टीम ने शेखपुर निवासी शरद चंद्र अग्रहरी के घंटाघर और बंधु सिंह पार्क के पास घर, ठिकानों पर छापा मारा और चांदी भी बरामद की।
चांदी भी जब्त की गई है। डीआरआई के अफसरों के मुताबिक सोना और चांदी की तस्करी में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया गया है। इन सबसे पूछताछ की जा रही है। शरद चंद्र अग्रहरी के भाई की दुकान पर भी छापा पड़ा है। इस तरह की कार्रवाई पहले भी की जा चुकी है। अब तक 102 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस सिलसिले में सर्राफा मंडल के पूर्व अध्यक्ष शरद चंद्र अग्रहरी से मोबाइल फोन पर बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन बंद मिला। जब भी उनका पक्ष आएगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।
सर्राफा मंडल गोरखपुर के पूर्व अध्यक्ष शरद चंद्र अग्रहरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी थी। इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था। आरोप लगा था कि नोटबंदी के दौरान बुलियन कारोबारी ने ब्लैकमनी खपाई थी। कहा था कि नोटबंदी के बाद 500 और 1000 रुपये के नोट से बड़े पैमाने पर सोना खरीदा, बेचा गया था। व्यापारी टैक्स चोरी करते हैं। ऐसा न करें तो व्यापारी खाने के लिए मर जाएंगे।
सोना की शुद्धता पर मांग ज्यादा
नेपाल से तस्करी कर जो सोना लाया जाता है, उसपर शुद्धता की 100 फीसदी मुहर लगती है। इस कारण भारतीय बाजार में सोने की मांग ज्यादा रहती है। तस्करी करके जो सोना लाया जाता है, उसे कम कीमत पर बेचकर भी स्वर्ण कारोबारी मुनाफा कमाते हैं। क्योंकि सोना लाने का टैक्स नहीं देना पड़ता है। यदि टैक्स दिया जाता तो मुनाफा अच्छा नहीं मिल पाता।