31 जनवरी को पीपीगंज इलाके के एक गांव में नवजात बच्ची की हत्या कर फेंका गया शव मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चार फरवरी को पीपीगंज के थानेदार राज प्रकाश सिंह की तहरीर पर केस दर्ज कर तहकीकात शुरू की गई। बाद में जांच कैंपियरगंज एसओ निर्भय नारायण सिंह के हवाले कर दी गई थी।
इस मामले में शुरू से ही पुलिस टालमटोल कर रही थी। जब अमर उजाला ने प्रमुखता से लगातार इस संबंध में खबरें प्रकाशित करनी शुरू कीं तो डीआईजी राजेश डी मोदक और एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने इसका संज्ञान लेकर कार्रवाई का आदेश दिया।
उसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने लापता किशोरी को खोज निकाला। उसके सामने आते ही पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। इसके दुष्कर्म कर उसे मां बनाने और नवजात की हत्या में आरोपित विभाष्म सिंह, नाबालिग मां और नाबालिग मां के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया। पुलिस ने नाबलिग मां को कोर्ट में पेश कर बालिका संरक्षण गृह और उसकी मां को जेल भेज दिया था।