आरोपित सौतेले पिता के खिलाफ छेड़खानी और धमकी का केस दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर मनोज राय ने बताया कि बच्ची की मेडिकल जांच के बाद पॉक्सो की धारा बढ़ाई जाएगी। जो मदद संभव हो सकती है, वह की गई है और आगे भी की जाएगी।
प्रधान और इंस्पेक्टर मदद को आगे आए
मां के छोटी बच्चियों को त्याग देने के बाद गांव के प्रधान और गुलरिहा थाने के इंस्पेक्टर मदद के लिए आगे आए। प्रधान ने बच्चों के राशन का खर्च उठाया। दोनों बच्चियों का प्राथमिक स्कूल में एडमिशन कराया। उधर पुलिस को जब मामले की जानकारी हुई तो इंस्पेक्टर मनोज राय ने घर की रंगाई-पुताई और गृहस्थी का सामान दिया।
इंस्पेक्टर ने बच्चों की आगे भी मदद करने का भरोसा दिया। दोनों बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पुलिस ने ली। उधर मां के जाने के बाद से अकेली पड़ गईं दोनों बच्चियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान ने उठा ली। छोटी बच्ची कक्षा दो में तो बड़ी कक्षा आठ में पढ़ती हैं।