साहब! हर घर में बहन-बेटियां हैं। उन्हें एक उम्र के लोगों से तो दूरी बनाने की शिक्षा दी जाती है, लेकिन अब ढलती उम्र में कोई दरिंदगी करेगा, यह सोचकर भी हैरानी होती है। अब दरिंदा चितई तो गांव वालों को एकदम बर्दाश्त नहीं है। ऐसे लोगों को फांसी की सजा देनी चाहिए, ताकि नजीर बने सके।
यह कहना है कि पीपीगंज इलाके के उस गांव के लोगों का, जहां एक किशोरी को बंधक बनाकर 66 साल के चितई निषाद ने न केवल दरिंदगी की, बल्कि सामाजिक रिश्तों का भी कत्ल किया है। गांव के लोगों में गुस्सा है। चितई की नापाक हरकतों ने लोगों को डरा भी दिया है। उनका कहना है कि आरोपी की हरकत क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी है। कई लोगों ने पुलिस से संपर्क कर आरोपी को सख्त सजा दिलाने की भी मांग की है।