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Gorakhpur News: ्रजीप के बोनेट पर बैठकर बकीं गालियां...मना किया तो गोली मार दी

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बिना परमिट खनन की कई बार की गई थी शिकायत, अब जातीय संघर्ष रोकने में जुटी पुलिस सतर्क

गांव में दहशत का माहौल, एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात, प्रधान ने खुद के जान पर खतरा बताया, मांगी सुरक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बड़हलगंज इलाके के राप्ती नदी के तट पर अवैध खनन की शिकायतों को जिम्मेदारों ने गंभीरता से लिया होता तो शायद बुधवार को रुधौली गांव में खूनखराबा न होता। बिना परमिट के खनन करने की शिकायत गांव के प्रधान अवधेश कुमार ने कई बार की, मगर साहबों ने चुप्पी साधे रखी। इसी का नतीजा यह रहा कि इतनी बड़ी वारदात हो गई। कार्रवाई नहीं होने से खनन माफिया इतने मनबढ़ हो गए कि उन्हाेंने फिल्मी अंदाज में गांव में उत्पात मचाया। बेखौफ बदमाश, गांव में जीप व बाइक से पहुंचे। इस दौरान एक आरोपी, माफिया-दबंग अंदाज में जीप के बोनेट पर चढ़कर गालियां दे रहा था।
जातिसूचक गालियां सुनकर लोगों ने विरोध किया तो अंधाधुंध फायरिंग कर एक को मौत के घाट उतार दिया और तीन को घायल कर दिया। गांव में घटना से दहशत का माहौल है। प्रधान ने भी खुद के जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है। गांव में जातीय संघर्ष न होने पाए, इसे देखते हुए एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
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जानकारी के मुताबिक, घटना की शुरुआत मंगलवार रात में ही हो गई थी। गांव में जन्मदिन पार्टी पर कार्यक्रम चल रहा था और फिर उधर से गुजर रहे ट्रैक्टर-ट्राॅली वालों से गाना बजाने पर विवाद हो गया। अश्लील गाना बजाने से मना करने पर विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि मारपीट में कुछ ट्रैक्टर वालों को चोट भी आई थी और गांव वालों ने खनन न करने को लेकर चेतावनी भी दी थी।


इसी से नाराज खनन माफिया गांव में फिल्मी अंदाज में पहुंचे थे और वारदात को अंजाम दे दिया। गोली तमंचे से मारी गई है। ग्राम प्रधान अवधेश कुमार ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों से सुरक्षा की मांग की। उन्होंने कहा है, घटना करने वाले लोगों से उनकी जान को खतरा है।

जीप और बाइक से पहुंचे 12 से 15 लोगों ने शुरू किया बवाल
रुधौली गांव में मंगलवार की रात में एक घर में जन्मदिन की पार्टी थी। इस दौरान नजदीक ही मिट्टी खनन में लगे ट्रैक्टर-ट्राॅली के चालक अश्लील गाना बजा रहे थे। अश्लील गाना बजाने पर महिलाओं ने आपत्ति की तो विवाद हो गया। बताया जाता है कि इस दौरान मारपीट भी हुई, लेकिन कुछ लोगों ने मामले को शांत करा दिया। बुधवार की सुबह जीप और बाइक से 12 से 15 लोग रुधौली गांव में पहुंच गए। सड़क किनारे राजकिशोर के घर के पास आकर गाली देने लगे। मना करने पर लाठी-डंडे से पीटने लगे। इस बीच गांव वाले भी जुटे तो मनबढ़ों ने असलहे से फायरिंग कर दी। गोली राजकिशोर (45) के सीने में लग गई, जबकि अरविंद (22), सुभाष (50), सूर्य प्रकाश (20) और अमरजीत (21) भी गोली लगने से घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर ने राजकिशोर को मृत घोषित कर दिया।



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दिन-रात मिट्टी खनन करते हैं खनन माफिया



बड़हलगंज थाना क्षेत्र में मिट्टी खनन का अवैध धंधा खूब फलफूल रहा है। खनन माफिया, दिन-रात लोडर व जेसीबी लगाकर सरयू व राप्ती नदी के किनारे डेंजर जोन में खनन करते हैं। सब कुछ जानकर प्रशासन बेखबर रहता है। अगर कभी कोई इसकी शिकायत करता है तो अनदेखी कर दी जाती है। इसके कारण खनन माफिया का हौसला बुलंद है और बुधवार की घटना उसका जीता-जागता उदाहरण है।



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तीन बच्चों का पिता था राजकिशोर



राजकिशोर की तीन बेटियां व एक बेटा है। वह पेशे से मजदूर था। पत्नी व तीन बेटियां निशा बीए, मनीषा इंटर, रेशमा 9वीं व सबसे बड़ा अनुराग आईटीआई कर रहा है। मौत के बाद से घर में मातम छाया है।





कुछ दिन की सख्ती और फिर शुरू हो गया अवैध खनन का खेल



पकड़े जाने पर खुद की जरूरत बताकर कर रहे अवैध खनन



अमर उजाला ब्यूरो



गोरखपुर। जिले में अवैध खनन पर सख्ती के बाद एक बार फिर ढील देने का मामला उजागर हो गया है। खनन पर सख्ती की गई तो कुछ महीनों तक रोक भी लगा, लेकिन अब कई इलाकों में यह काम फिर से शुरू कर दिया गया है। खनन माफिया इसका तोड़ भी गांवों में ही निकाल लिए हैं। पकड़े जाने पर खुद के काम का हवाला देते हैं, लेकिन असलियत यह हैं कि सात से आठ सौ रुपये ट्राली के हिसाब से मिट्टी बेची जा रही है।



बड़हलगंज के राप्ती तट पर भी कुछ ऐसा ही हुआ है। वहां पर लंबे समय से विरोध के बीच अवैध खनन चल रहा था। बुधवार को वारदात हुई और एक शख्स की जान चली गई तो तीन लोग जिंदगी मौत से जूझ रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक, अवैध खनन के मुद्दे को पूर्व में अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था, इसका असर रहा कि खनन अधिकारी पर गाज गिरी और इसके बाद जिले में हड़कंप मच गया। अवैध खनन करने वाले फरार हो गए थे और उनके ट्रैक्टर का पहिया रुक गया था। लेकिन अब गांवों में एक बार फिर से खनन शुरू हो गया है। पुलिस का सीधे तो कोई वास्ता नहीं होता है, इस वजह से खनन विभाग का मामला कहकर टाल देती है, लेकिन वारदात के बाद झेलना पुलिस को ही पड़ता है। दूसरे अवैध खनन बिना पुलिस के संभव भी नहीं है। सरहरी, कैंपियरगंज इलाके में एक बार फिर से खनन के मामले सामने आने लगे हैं। हालांकि, दिन के उजाले में अब वह ऐसा करने से बच रहे हैं, लेकिन रात होते ही वह काम शुरू कर देते हैं।
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