खोराबार। खोराबार क्षेत्र के रामलखना बीट के जंगल में शुक्रवार की रात करीब 12 बजे तस्कर सागौन की लकड़ी काट रहे थे। गश्त के दौरान आहट होने पर वन विभाग की टीम मौके की तरफ बढ़ी तो तस्करों ने टीम पर पत्थरबाजी कर दी। यह देख वन विभाग की टीम ने हवा में फायरिंग कर दी। इसके बाद तस्कर आठ बोटा लकड़ी छोड़कर भाग निकले।
वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, वन दरोगा महेंद्र प्रताप सिंह टीम के साथ जंगल रामलखना में गश्त पर थे। इस दौरान देखा कि वन तस्कर लकड़ी काटकर गाड़ी पर लाद रहे हैं। पहले वन कर्मियों ने उन्हें आवाज देकर रोकने का प्रयास किया। करीब आता देख तस्करों ने टीम पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इसके बाद टीम ने फायरिंग की। डीएफओ विकास यादव ने बताया कि रामलखना जंगल में देवरिया से आकर कुख्यात तस्करों की टीम पेड़ काट रही थी। यह पहले भी सक्रिय रहे हैं। इस मामले में देवरिया रुद्रपुर पिपरा निवासी शेषमणि पुत्र इंद्रासन, शिवपुर रुद्रपुर देवरिया निवासी कृष्णमोहन पुत्र शंकर, अगहर खोराबार निवासी शिव पुत्र रामदरश, भैसह खोराबार निवासी पन्नेलाल पुत्र राजकुमार समेत 4 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
इसी जंगल में तस्करों ने रेंजर को मारी थी गोली
15 जुलाई 2018 को खोराबार के रामलखना जंगल में अवैध कटाई कर रहे तस्करों की सूचना पर वन विभाग ने छापा मारा था। कटान रोकने गए डिप्टी रेंजर डीएन पांडेय को तस्करों ने गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल रेंजर को वन विभाग के अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया। उस वक्त विभागीय असलहा नहीं चल पाने की वजह से तस्कर हावी हो गए थे। इसी घटना के बाद से सभी वन्य क्षेत्र में असलहों के साथ वन टीम को मुस्तैद रखा जाता है।