गोरखपुर। समाधान 3.0 अभियान के तहत अब न्यायालयों में लंबित मध्यस्थता योग्य मामलों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) भेजा जाएगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये आयोजित बैठक में सभी न्यायालयों को इस संबंध में निर्देश दिए। साथ ही अधिक से अधिक विवादों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से आपसी सहमति के आधार पर कराने पर जोर दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट की मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र समिति की ओर से आयोजित बैठक में जिला एवं सत्र न्यायाधीश, परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, वाणिज्यिक न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण और भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सचिवों ने भी प्रतिभाग किया।