अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। कोविड 19 महामारी को लेकर लंबे समय से चल रहे लाकड़ाउन के बीच हाईकोर्ट के आदेश पर जिला अदालत शुक्रवार से खुलेगा। हालांकि पूर्व की तरह सभी काम नहीं होंगे। वादकारियों को आवश्यक न्याय प्राप्त करना सुगम होगा। जनपद न्यायाधीश गोविन्द बल्लभ शर्मा ने इस बावत आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक़ जनपद न्यायाधीश, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय विशेष न्यायाधीश पीसी एक्ट एससीएसटी एक्ट पाक्सो एक्ट एनडीपीएस एक्ट यूपी एसईबी एक्ट ईसी एक्ट एमपी एमएलए का विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट सीजेएमकोर्ट सिविल जज सीनियर डिवीजन और जूनियर डिवीजन की कोर्ट कार्य शुरू करेंगे। कार्य समाप्त हो जाने पर चले जाने की छुट होगी। कोर्ट खुलने के पूर्व परिसर का सेनिटाइजेशन और प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का थर्मल स्कैनिंग अनिवार्य होगा। कर्मचारियों की संख्या कम रहेगी। अभी केवल नए या लंबित मुकदमों के एडमिशन कार्य नियमित जमानत अग्रिम जमानत वाहन रिलीज अन्य छोटे छोटे अपराधों के मामले स्टे आर्डर के मामले रिमांड संज्ञान कुर्की फरारी की उद्घोषणा जैसे मामलों की सुनवाई होगी। विचाराधीन बन्दियों की पेशी पूर्व की भाँती वीडियो कांफ्रेंसिंग से ही होगी। पहले से बहस हो चुके मुकदमों में निर्णय आदेश हो सकेगा। जनपद न्यायाधीश ने अपने आदेश में अधिवक्ताओं का नया ड्रेस कोड भी बताया है पुरुष अधिवक्ता सफेद शर्ट हल्के रंग का पैंट और बैंड पहनेंगे तथा महिला अधिवक्ता हल्के रंग का पोशाक और बैंड धारण करेंगी। न्यायिक अधिकारी भो कोट और गाउन धारण नही करेंगे। कोर्ट में प्रवेश करने वाले सभी लोग मास्क लगाएँगे तथा सभी कोर्ट के बाहर सेनिटाइजर की व्यवस्था रहेगी। यदि जिलाधिकारी कण्टेन्मेंट जोन घोषित करते हैं तो नयमानुसार कोर्ट बन्द कर दिया जाएगा।