गोरखपुर। भ्रष्टाचार का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तनु भटनागर ने गोंडा जिले के खोड़ारे थाना क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर निवासी एवं ग्राम खरिहा के तत्कालीन लेखपाल प्रेमचंद्र को तीन साल के कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को एक माह का कारावास अलग से भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी का कहना था कि राममूरत गोंडा जिले के रेहरा बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम खरीहा मजरेपूरे तेंदुआ का रहने वाला है। वह ग्राम खरिहा स्थित अपने चक के उत्तर जाने वाले चल रोड के सीमांकन के लिए अभियुक्त लेखपाल से मिला। इसी चक रोड के सीमांकन के लिए अभियुक्त ने शिकायतकर्ता से दो हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने अभियुक्त की शिकायत पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान फैजाबाद से की।जिसपर एक ट्रैप टीम का गठन हुआ और अभियुक्त को रेहरा बाजार से एक किलोमीटर उत्तर एक चाय की दुकान से रिश्वत लेते रंगे पकड़ा गया। ब्यूरो