दीवानी कचहरी में पोस्टऑफिस है। इसमें एक कमरे में काउंटर बनाया गया, जिस पर रिजर्वेशन के लिए यूनियन बैंक की तरफ से भी पहुंचा जा सकता था। लेकिन यह काउंटर बंद हो गया तो इसका सारा सामान भी तितर-बितर हो गया। बृहस्पतिवार की दोपहर 12.10 बजे पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी अपने काम में व्यस्त थे। उनसे जब पूछा गया कि कोई रिजर्वेशन काउंटर बना है तो बताया गया कि अब बंद है। उसी कमरे में चलता था।
कमरे का दरवाजा खोलने पर उसमें कुछ पुराने सामान, फाइलें और अधिवक्ताओं के बोर्ड रखे नजर आए। काउंटर के दूसरी ओर प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता राज कुमार ने बताया कि काफी दिनों से काउंटर बंद है। यदि यहां टिकट बनते तो लोग जरूर आते। काउंटर बंद होने के बाद कमरे की देखभाल नहीं हुई, जिससे वह जर्जर हो गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि रिजर्वेशन काउंटर शुरू होने से सबको सुविधा मिलेगी।
यहां काउंटर खुला था, जो कुछ दिनों के बाद बंद हो गया। इसे दोबारा खोल दिया जाए तो सुविधा मिल जाएगी। टिकट के लिए रेलवे स्टेशन के पास बने पीआरएस पर जाना पड़ता है। इससे समय बर्बाद होता है।-संजय कुमार यादव, अधिवक्ता।
कई बार व्यस्तता की वजह से हम लोग कचहरी से बाहर नहीं निकल पाते हैं। पूर्व में जब यहां सुविधा शुरू हुई तो वरिष्ठ अधिवक्ताओं को काफी राहत मिली। यह सुविधा दोबारा शुरू की जानी चाहिए।-आनंद बिहारी लाल, अधिवक्ता।
यहां पोस्टऑफिस में रेलवे ने रिजर्वेशन काउंटर खोला था। लेकिन यह अब बंद है। यदि यहां यह सुविधा मिलती तो वादकारी भी इसका लाभ उठाते।-अभिनव त्रिपाठी, अधिवक्ता।
रेलवे को इस पर ध्यान देना चाहिए। यह व्यवस्था तो दोबारा भी बनाई जा सकती है। लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।-अजय कुमार त्रिपाठी, अधिवक्ता।
समय बचाने के लिहाज से यह अच्छी व्यवस्था थी, लेकिन अब सुविधा नहीं मिल पा रही। हम लोगों ने बीच में एक-दो बार इसकी मांग उठाई थी।-चंद्रप्रकाश, अधिवक्ता।
वर्ष 2013-14 की कार्यकारिणी में हम बार एसाेसिएशन के मंत्री रहे। तब काफी प्रयास के बाद रिजर्वेशन काउंटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई। करीब डेढ़ साल तक काउंटर चला। इसके बाद इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसे दोबारा खोलने की पहल होनी चाहिए।-भानु प्रताप पांडेय, अधिवक्ता।