बात करते हुए काजू खाना कुशीनगर की 53 वर्षीय महिला के लिए जानलेवा साबित होते-होते बचा। काजू गलती से भोजन नली की बजाय सांस की नली में चला गया, जिससे कुछ दिनों बाद उन्हें खांसी, सांस लेने में तकलीफ और खून की उल्टी की समस्या होने लगी।
समय रहते एम्स के डॉक्टरों ने ब्रोंकोस्कोपी तकनीक से काजू को बाहर निकालकर उनकी जान बचा ली। महिला ने बताया कि उन्होंने सोमवार को काजू खाया था। शुरुआत में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई लेकिन तीसरे दिन अचानक तेज खांसी शुरू हो गई और खून की उल्टी होने लगी।
इसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां सीटी चेस्ट और एक्स-रे जांच में पता चला कि काजू सांस की नली में फंसा हुआ है। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें एम्स रेफर किया गया।
एम्स के पल्मोनरी मेडिसिन और एनेस्थीसिया विभाग की विशेषज्ञ टीम ने ऑपरेशन थिएटर में वीडियो ब्रोंकोस्कोप, क्रायो मशीन व डॉर्मिया बास्केट जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए सांस की नली में फंसे काजू को बाहर निकाल लिया। उपचार के बाद महिला की स्थिति सामान्य है। इस टीम में डॉ. सुबोध, डॉ. कनुप्रिया, डॉ. राघव, डॉ. विजेता बाजपेई और डॉ. प्रियंका द्विवेदी शामिल रहीं।