संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदर्शित सहयोगात्मक भावना समग्र रूप से उच्च शिक्षा क्षेत्र को नए आयाम तक ले जाने के प्रति गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह सहयोग केवल संस्थाओं के मध्य सहयोग नहीं है, बल्कि यह हाशिए पर मौजूद लोगों की आवाज को बुलंद करने और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किया गया सहयोग है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व अनुसंधान में सहयोग तकनीकी युग की मांग है।
प्रो. टंडन नेपाल गंडकी विश्वविद्यालय में ''''उत्कृष्टता का सशक्तीकरण : अनुसंधान और शिक्षा में वैश्विक सहयोग'''' विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पैनल डिस्कशन के दौरान अपनी उच्च शिक्षा को लेकर विचार साझा कर रही थीं। उन्होंने कहा कि अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने से एक अनुसंधान सूचित पाठ्यक्रम को बढ़ावा मिलता है, जो छात्रों के अनुभव को विकसित करता है।
एक अन्य पैनलिस्ट गंडकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज देवकोटा ने कहा कि अनुसंधान और शैक्षणिक सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है। इस दौरान डाॅ. यमुना घले, प्रो. कपिल अधिकारी आदि ने भी विचार रखे। विश्वविद्यालय के प्रो. मनीष कुमार श्रीवास्तव, डाॅ. रामवंत गुप्ता और प्रो. राजर्षि कुमार गौड़ आदि मौजूद रहे।