- स्मार्ट मीटर लगाने वाली फर्म ने शुरू किया सर्वे, अगस्त से लगना शुरू होगा मीटर
- पहले से चल रहे मीटर को बदल कर स्मार्ट लगाने पर उपभोक्ताओं को नहीं देना होगा किसी प्रकार का शुल्क
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अगस्त माह के बाद उपभोक्ताओं के घरों में पुराने मीटर को स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बदलने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। लेकिन, पुराने मीटरों को हटाकर नये स्मार्ट मीटर लगाने पर उपभोक्ताओं को शुल्क नहीं देना होगा। ये शुल्क ऊर्जा विभाग से संबंधित एजेंसी को किया जाएगा। नए कनेक्शन पर लगाए जाने वाले मीटरों पर उपभोक्ता को पहले की तरह शुल्क देना होगा। स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर सर्वे शुरू कर दिया गया है।
स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी की तरफ से मोहल्लों का सर्वे किया जा रहा है। इसके तहत मोहल्लों में फीडर पर भार और ट्रांसफार्मरों पर कनेक्शन की क्षमता का आंकलन होगा। इस आधार पर फीडर और डीटी स्मार्ट मीटर लगाया जाना शुरू होगा। सितंबर माह के अंत तक इस काम को पूरा कर लिया जाएगा। अगस्त से स्मार्ट मीटर लगाए जाने की तैयारी है। इसके तहत उपभोक्ताओं को नये कनेक्शन के लिए अभी की तरह ही आवेदन करना होगा। खंड या उपखंड कार्यालय से आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी के पास मीटर लगाने का इंडेंट जाएगा। इसी आधार पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाया जाना शुरू होगा।
जिन घरों में इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगे हैं और चल रहे हैं, उन्हें भी बदल दिया जाएगा। लेकिन, उपभोक्ताओं से किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। जीनस कंपनी के राकेश सिंह ने बताया कि नये स्मार्ट मीटर लगाने पर उपभोक्ताओं से किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। अगर किसी उपभोक्ता से कोई शुल्क की मांग करता है, तो इसकी सूचना खंड, उपखंड या कंपनी के दूसरे जिम्मेदारों को उपभोक्ता दे सकते हैं। अधीक्षण अभियंता शहरी एलबी सिंह ने बताया कि अगस्त से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाया जाना शुरू होगा। टीम को भी निर्देशित किया गया है कि किसी उपभोक्ता को इस दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।