गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने कंपाउंडिंग पर रोक नहीं लगाई है। नियमावली के अनुसार शुल्क जमा कर निर्माण की कंपाउंडिंग कराई जा सकती है। मानचित्र स्वीकृत से अधिक निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, निर्माण शमन नहीं किया जाएगा जिसमें ध्वस्तीकरण करना अनिवार्य होगा। अभी तक ऐसे निर्माण को भी 'टू बी डिमोलिश' (ध्वस्त किया जाना है) लिखकर शमन मानचित्र स्वीकृत कर दिया जाता था।
नियमावली के मुताबिक भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के अनुसार मानचित्र में अनुमन्य निर्माण एवं अवैध निर्माण अलग-अलग दर्शाए जाएंगे। फ्रंट, साइड एवं पीछे के सेट बैक में अनधिकृत निर्माण मुख्य भवन की निरंतरता में ही शमनीय होगा और अनुमन्य भू-आच्छादन एवं तल क्षेत्रफल से अधिक निर्माण तय सीमा तक ही शमनीय होगा।
शमन के लिए निर्माणकर्ता को शमन शुल्क जमा कर शमन मानचित्र स्वीकृत कराना होगा। मानचित्र में भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के अनुसार अनुमन्य निर्माण एवं अवैध निर्माण अलग-अलग दर्शाए जाएंगे। फ्रंट, साइड एवं पीछे के सेट बैक में अनधिकृत निर्माण मुख्य भवन की निरंतरता में ही शमनीय होगा और अनुमन्य भू-आच्छादन एवं तल क्षेत्रफल से अधिक निर्माण तय सीमा तक ही शमनीय होगा।
आवासीय भवनों पर यह होगा जुर्माना
भूखंडीय विकास के अन्तर्गत आवासीय भवनों में फ्रंट सेट-बैक के कुल क्षेत्रफल का 25 प्रतिशत (अधिकतम 1 मीटर चौड़ाई) तक किया गया निर्माण, पीछे के सेट-बैक के क्षेत्रफल का अधिकतम 10 प्रतिशत तक का निर्माण, साइड सेट-बैक में सेट-बैक की चौड़ाई का अधिकतम 25 प्रतिशत तक किया गया निर्माण शमनीय होगा।
व्यवसायिक और ग्रुप हाउसिंग के लिए यह है नियम
व्यवसायिक, औद्योगिक, कार्यालय, संस्थागत एवं सामुदायिक सुविधाओं आदि में अनुमन्य भूमि कवरेज के अतिरिक्त फ्रंट, रियर एवं साइड सैट-बैक में विभिन्न स्तरों में शमन के लिए निर्धारित सीमा से प्रतिबंधित करते हुए भूखंड के कुल क्षेत्रफल का अधिकतम 10 प्रतिशत तक निर्माण ही मान्य होगा।
वहीं, ग्रुप हाउसिंग और बहुमंजिला व्यवसायिक, कार्यालय एवं संस्थागत भवनों में अग्निशमन सुरक्षा के लिए वांछित न्यूनतम सेट-बैक कम न होने की दशा में अनुमन्य भूमि कवरेज का अधिकतम 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त निर्माण ही शमनीय होगा।
सभी प्रकार के निर्माणों के लिए स्वीकृत फ्लोर अनुपात पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत फ्लोर अनुपात जोड़ा जा सकता है। फ्रंट सेटबैक, रियर सेटबैक, साइड सेटबैक और बेसमेंट के लिए चार्ज किया जाने वाला कंपाउंडिंग शुल्क अलग-अलग होगा।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन सिंह ने बताया कि नियमावली के मुताबिक शमन किया जाएगा। शमन पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। शासन से भी दिशा-निर्देश मांगा गया है।