गोरखपुर जिले के गगहा क्षेत्र के जगदीशपुर भलुआन गांव में एक मुस्लिम व्यक्ति के घर में खुदाई के दौरान हिंदू धर्म से जुड़े सामान मिले हैं। इनमें मंदिर का घंटा, शंख, त्रिशूल, बर्तन सहित कई लोहे और पीतल से बने पूजा-पाठ के सामान और हड्डियां शामिल हैं। लोगों के बीच चर्चा है कि यह सामान 200 साल पुराने हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने जमीन से निकले सभी सामान को कब्जे में लेकर इसकी जानकारी पुरातत्व विभाग को दी है।
जगदीशपुर भलुआन गांव के नया चौराहा के रहने वाले बबलू अंसारी की पांच बेटियां और एक बेटा हैं। सभी की शादी हो चुकी है। लेकिन, किसी को बच्चा नहीं हुआ। इसे लेकर बबलू और उनका परिवार काफी परेशान था। पुलिस के मुताबिक इलाज के अलावा उन्होंने तंत्रमंत्र का भी रास्ता अपनाया।
इस बीच बबलू किसी मौलवी के संपर्क में आया, जिसने उन्हें बताया कि उनके घर में ही दोष है। किसी ने जादू-टोना कराकर घर में कुछ गाड़ दिया है, जिसकी वजह है कि बेटी और बहू को बच्चे नहीं हो रहे हैं। इतना ही नहीं, सोखा ने बबलू को यह भी बताया कि घर में ऐसी संदिग्ध वस्तुओं के गड़े होने से घर की सुख-शांति भी भंग हो गई है। तथाकथित मौलवी के कहने के मुताबिक बबलू ने इसका उपचार शुरू किया।
मौलवी की बताई जगह पर बबलू ने मंगलवार को अपने घर में खुदाई शुरू करा दी। जमीन की मिट्टी करीब चार फिट तक निकाले जाने के बाद उसमें एक मटका मिला। मटका बाहर निकालते ही जब उसे खोला गया तो वहां मौजूद सभी लोगों के होश उड़ गए। मटके में दीपक, घंटा, त्रिशूल, बर्तन, लोहे के कुछ सामान और हड्डियां मिलीं। यह बात गांव में आग की तरह फैल गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इंस्पेक्टर गगहा संदीप कुमार सिंह ने कहा कि पुरातत्व विभाग की टीम को जांच के लिए बुलाया गया। वहीं बौद्ध संग्रहालय के उप निदेशक डॉ. मनोज गौतम ने बताया कि देखने में ये सामग्री काफी समय पहले की लग रही है। जांच के बाद इन सामग्रियों की आय का निर्धारण किया जा सकेगा।