गोरखनाथ क्षेत्र की महिला ने भू माफिया को सबक सिखाया
सहजनवां क्षेत्र की महिला ने पति की हत्या के बाद लड़ी लड़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जिले में ऐसी भी महिलाएं भी हैं, जिन्होंने पति को इंसाफ दिलाने के लिए हर चौखट पर फरियाद की। उनके रास्ते में रूकावटें भी आईं फिर भी वे नहीं डरीं। हर रूकावटों को दरकिनार कर पति को इंसाफ दिलाया। गोरखनाथ क्षेत्र की एक महिला ने फर्जी केस में फंसे पति को न्याय दिलाया और आरोपियों को जेल भेजवाया। वहीं सहजनवां की महिला ने पति की हत्या में साक्ष्य एकत्र कर घटना को सही साबित किया और सात माह तक लड़ाई लड़ी। अब जाकर आरोपियों पर हत्या का केस पुलिस ने दर्ज किया है। पहले पुलिस इसे मानने को तैयार भी नहीं थी।
भू माफिया से भिड़ी और जब्त कराई अवैध संपत्ति
मोतिहारी जिले के टाउनहाल बलुआताल निवासी विकास सिन्हा जेल बाईपास पादरी बाजार के निकट अस्पताल चलाता था। उसने व्यापार और हॉस्पिटल में शेयर देने के नाम पर चक्सा हुसैन निवासी इम्तियाज से 10 लाख रुपये लिए। बाद में रुपये मांगने पर इम्तियाज पर छेड़खानी, पाॅक्सो और दुष्कर्म समेत पांच केस दर्ज करा दिए। इसके बाद समझौता कराने के लिए इम्तियाज से 50 लाख रुपये मांगने लगा। इस बीच इम्तियाज को पकड़कर पुलिस ने जेल भी भेजा। इसके बाद पति को बचाने के लिए इम्तियाज की पत्नी सैबा अनवार ने तीन साल तक केस की पैरवी की। सैबा अनवार ने पुलिस को साक्ष्य उपलब्ध कराए, जिसके बाद विकास सिन्हा गैंग का पर्दाफाश हुआ। अक्टूबर 2023 में फर्जी केस और रंगदारी वसूलने के मामले में विकास पर केस दर्ज हुआ और वह जेल गया। छूटने के बाद फिर मई माह में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई कर पुलिस ने विकास और उसकी पत्नी को जेल भेजवाया। इसके बाद उसकी अवैध संपत्ति भी जब्त की। साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने इम्तियाज को राहत दी। उसकी रिपोर्ट में सारी बातें शामिल कीं।
पति की हत्या साबित करने के लिए दौड़ी
सहजनवां के घघसरा कस्बा निवासी संतराज (25) को नौ जनवरी की रात तीन युवकों ने शराब में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया था। तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाते समय संतराज की मौत हो गई। पत्नी केवला देवी ने तीन लोगों पर जहर देकर हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर पुलिस ने विसरा जांच के लिए भेजा था। इसका फायदा आरोपियों को मिला, उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई, वे बेखौफ घूम कर रहे थे। तब महिला ने फारेंसिक लैब से लगायत पुलिस अधिकारियों तक का चक्कर लगाना शुरू किया। लगातार पैरवी का नतीजा यह रहा कि विसरा की रिपोर्ट आ गई और उसमें मौत का कारण कीटनाशक पदार्थ आया। इसके बाद पुलिस ने सोमवार को सभी आरोपियों नगर पंचायत घघसरा के हनुमत नगर निवासी मन्नू साहनी, शेर अली उर्फ शेरू, कुसम्हाखुर्द निवासी अंगद साहनी को गिरफ्तार कर जेल भेजवाया। अब केवला देवी के साहस की चर्चा हो रही है।