कैंपियरगंज तहसील में बनी हेल्प डेस्क पर पीपीगंज क्षेत्र के किसानों ने दर्ज कराई लिखित शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
कैंपियरगंज/ पीपीगंज। जंगल कौड़िया -सोनौली रोड के भूमि अधिग्रहण संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए कैंपियरगंज तहसील सभागार में हेल्प डेस्क बनाया गया है। सोमवार को 12 किसानों ने लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए समस्या के समाधान की मांग उठाई।
जंगल कौड़िया-सोनौली रोड के लिए पीपीगंज क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है। इस भूमि पर काम शुरू करा दिया गया है, लेकिन अधिकांश किसानों के मामलों का निस्तारण नहीं हो सका है। प्रशासन की ओर से किसानों को आर्बिट्रेशन (न्यायिक मध्यस्थता) में जाने की बात कही जा रही है। मामले का पूर्ण निस्तारण हुए बिना काम शुरू होने से परेशान किसान शनिवार को तहसील कैंपियरगंज में संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे थे, वहां ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से मिलकर मामले का निस्तारण कराने की मांग की। किसानों की बात सुनकर उन्होंने हेल्प डेस्क बनाने को कहा।
सोमवार को हेल्प डेस्क ने काम करना शुरू किया। इस पर (भूमि अध्याप्ति विभाग) के विवेक कुमार यादव , रमेश श्रीवास्तव के अलावा एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इनके अलावा तहसीलदार केशव प्रसाद व नायब तहसीलदार हंसराज की भी जिम्मेदारी तय की गई है। यहां पहुंचकर किसान लिखित रूप से अपनी समस्या से टीम को अवगत कराएंगे। इसके बाद उनका निस्तारण कराया जाएगा। तहसील प्रशासन का कहना है कि उनकी कोशिश होगी कि हर शिकायत का निस्तारण कम से कम दो दिन के भीतर हो जाए।
इन किसानों ने दर्ज कराई शिकायत
पहले दिन हेल्प डेस्क पर बगहीभारी के रामनरायन,घनश्याम,जंगल अगही के लालबहादुर, चन्द्रकेश,परमहंस, जंगल अगही के पूर्णिमा, जंगल बिहुली के दुर्गेश, सावित्री, भागवत,मुर्तजा, ईश्वरदेव,भैयाराम के गोपाल यादव,साहबगंज के विजयलक्ष्मी, सुशीला, मनोरमा ने भूमि अधिग्रहण व मुआवजे से संबंधित अपनी शिकायत दर्ज कराई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व अधिकारियों ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
गजट से अधिक भूमि अधिग्रहित करने का आरोप
पीपीगंज क्षेत्र के किसानों का कहना है कि गजट से अधिक भूमि अधिग्रहित की जा रही है। जंगल बिहुली के किसान लाल बहादुर ने बताया कि उनका नाम गजट में शामिल नहीं था। बिना पूर्व सूचना के कार्यदायी संस्था ने उनके आवास और चहारदीवारी पर बुलडोजर चला दिया। इससे उनके आवश्यक सामान भी मलबे में दब गए। उन्होंने हेल्प डेस्क में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
कोट
हेल्प डेस्क ने काम करना शुरू कर दिया है। इस पर आने वाली शिकायतों को सुनने के लिए कर्मचारी तैनात किए गए हैं। -शाश्वत त्रिपुरारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम कैंपियरगंज