गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध 37 स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों को बीएड की स्थायी संबद्धता न मिलने का मामला गरमा गया है।
स्थायी संबद्धता को लेकर कॉलेज प्रबंधन मुखर होने लगे हैं। सोमवार को कई कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने स्थायी संबद्धता को लेकर प्रत्यावेदन सौंपा। स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों ने प्रत्यावेदन में कहा है कि पिछले नौ वर्षों से यह मामला लंबित है। इस वजह से उनकी साख प्रभावित हो रही है। हर वर्ष निरीक्षण, मानक परीक्षण और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद सिर्फ संबद्धता विस्तार देकर ही दिया जा रहा है।