मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गोरखपुर आएंगे। वह यहां परमहंस योगानंद की जन्मस्थली पर बनने वाले स्मारक का भूमिपूजन व शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा सिविल लाइंस में बने नगर निगम के जोनल कार्यालय और सीनियर सिटीजन डे केयर सेंटर का उद्घाटन भी करेंगे।
कोतवाली थाने के पास परमहंस योगानंद की जन्मस्थली है, जिसपर प्रदेश सरकार ने स्मारक बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए जमीन का आवंटन होने के साथ ही बजट भी जारी हो चुका है। इसके अलावा कैंट थाने के पास स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सचिंद्रनाथ सान्याल की याद में एक लाइब्रेरी का निर्माण कराया गया है। परमहंस योगानंद की जन्मस्थली पर बनने वाले स्मारक का शिलान्यास और सान्याल भवन का लोकार्पण होना है।
इसके अलावा सिविल लाइंस में नगर निगम का जोनल कार्यालय और सीनियर सिटीजन डे केयर सेंटर बनकर तैयार है। इन दोनों का भी लोकार्पण होना है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। पूरी दुनिया को क्रिया योग का पाठ पढ़ाने वाले योगगुरु परमहंस योगानंद की जन्मस्थली पर उनकी बचपन की यादें संजोने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
योगानंद की जन्मस्थली को स्मारक के रूप में योगी सरकार संवारेगी। कोतवाली थाना के पास चार मंजिला भवन की हर मंजिल पर अलग-अलग तरीके से योगानंद की यादें संजोयी जाएंगी। इसका शिलान्यास रविवार (11 मई) को सीएम योगी के हाथों होगा।
28 करोड़ रुपये की लागत से योगानंद की जन्मस्थली को विकसित किया जाएगा। भूमि तल के बाहर के हिस्से पर एक लॉन विकसित किया जाएगा, जिसमें योगानंद की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। पहले तल पर एक संग्रहालय और पुस्तकालय बनाया जाएगा, जिसमें योगानंद की अलग-अलग मुद्रा में चित्रों को अवलोकनार्थ सजाया जाएगा।
उनसे जुड़े बहुमूल्य सामानों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। दूसरा तल आध्यात्मिक दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण होगा। इसमें उस स्थान को मंदिर का स्वरूप दिया जाएगा, जहां आज से 131 वर्ष पहले पांच जनवरी को योगानंद का जन्म हुआ था। मंदिर के सामने केंद्र का दूसरा योग सेंटर बनाया जाएगा।
जिसमें बैठकर योगानंद की शिष्य परंपरा के लोग योग व ध्यान कर सकेंगे। तीसरे और अंतिम तल पर दो हॉल बनाए जाएंगे, जिसमें योगाभ्यास करने का इंतजाम रहेगा। ध्यान के लिए अलग से स्थान निर्धारित रहेगा। योग भवन का निर्माण 1360 वर्गमीटर में कराया जाना है।
पर्यटन विभाग के उपनिदेशक रविंद्र मिश्र के अनुसार जन्मस्थली पर पुराने भवन को गिरा दिया गया है। शिलान्यास के बाद यहां योग भवन का निर्माण तेजी से शुरू होगा।जन्मस्थली के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से विदेशी पर्यटकों की संख्या लगभग 10 गुना बढ़कर 10 से 15 हजार तक पहुंचने की उम्मीद है।
ऐसे बनी योग भवन के निर्माण की भूमिका
विदेश में परमहंस याेगानंद के शिष्य व भक्त बड़ी संख्या में हैं। जन्मस्थली होने की वजह से बहुत से समय-समय पर गोरखपुर भी आते थे लेकिन यहां उनकी जन्मस्थली पर किसी तरह की विशेष व्यवस्था न देख दुखी हो जाते थे और इसे अध्यात्म केंद्र के रूप में विकसित करने का अनुरोध करते थे।
उनकी मांग विभिन्न माध्यमों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंची तो उन्होंने इसे गंभीरता लेते हुए योगानंद की जन्मस्थली को पर्यटन केंद्र के रूप मेंं विकसित करने का न केवल निर्णय ले लिया बल्कि इसकी जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंप दी। पर्यटन विभाग ने मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जन्मस्थली पर योग भवन बनाने की कार्ययोजना तैयार की है जिसका रविवार को सीएम योगी के हाथों शिलान्यास होगा।